लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान छीला में उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन आयोजित, विद्यार्थियों को कौशल आधारित स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
नागौर। (प्रदीप कुमार डागा) विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान छीला में उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विद्यार्थियों को स्वरोजगार, कौशल विकास, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के संयोजक राजेश देवड़ा ने विद्यार्थियों को स्वरोजगार के महत्व से अवगत कराते हुए भविष्य में कौशल आधारित स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि “नौकरी देने वाले भी बनें।” उन्होंने कहा कि स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता ही राष्ट्र की उन्नति के प्रतीक हैं।
मेहनत और कौशल को बनाया सफलता का आधार
इस अवसर पर सहायक परियोजना समन्वयक अजय शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश और समाज की प्रगति में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत के साथ अपने विषय का पूर्ण ज्ञान और आवश्यक कौशल हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि हर कार्य ईमानदारी और कौशल के साथ करने पर व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करता है।
अजय शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल करते हुए अपनी संस्कृति और विरासत को भी संरक्षित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि “नई तकनीक के साथ-साथ अपनी विरासत को भी संभालना चाहिए।”
विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की शुभकामनाएं
कार्यक्रम के अंत में अध्यापक हरदास ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन में विद्यार्थियों को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

















































