लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान सहित देशभर से पहुंचे जैन श्रद्धालु, भक्ति संध्या और भव्य वरघोड़ा रहा आकर्षण का केंद्र
मेड़ता रोड/नागौर। (प्रदीप कुमार डागा)
नागौर जिले के मेड़ता रोड स्थित अतिप्राचीन श्री पार्श्वनाथ भगवान मंदिर में आयोजित दो दिवसीय मेला श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ देश के अलग-अलग शहरों से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु पहुंचे।
मेले के पहले दिन रात को भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। कोलकाता-अजीमगंज के प्रसिद्ध जैन भजन गायक मोहित बोथरा ने पार्श्वनाथ भगवान की भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते और नृत्य करते रहे। मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।
ध्वजारोहण के साथ मुख्य मेले का शुभारंभ
दूसरे दिन सुबह 10 बजे जैन ध्वज फहराकर मुख्य मेले का शुभारंभ किया गया। ध्वजारोहण कार्यक्रम में पीयूष भांडावत और मनोहरलाल जवानमल परमार विशेष अतिथि रहे, जबकि बैंगलोर के सरदारमल सुराणा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पन्नालाल सिंघवी, उपाध्यक्ष चंचलमल नाहर, सचिव महावीरचंद बांठिया, कोषाध्यक्ष सुरेशकुमार चौधरी, सहकोषाध्यक्ष सुनील डागा और भोजनशाला सचिव वीरेंद्रकुमार सिंघवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पंचकल्याणक महापूजन के बाद निकला भव्य वरघोड़ा
दोपहर में पंचकल्याणक महापूजन का आयोजन किया गया। इसके बाद भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को चांदी के रथ में विराजमान कर बैंड-बाजों के साथ भव्य वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़े के साथ चल रही आकर्षक चांदी की रेवाड़ी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
रेवाड़ी में विराजमान भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा को ब्रह्माणी माता मंदिर स्थित तालाब परिसर ले जाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की।
मेले में दिनभर रही चहल-पहल
धार्मिक आयोजनों के साथ मेले में खान-पान, खिलौने, कपड़े और विभिन्न प्रकार के सामान की दुकानें भी सजाई गईं। इससे पूरे दिन मेला परिसर में लोगों की आवाजाही और चहल-पहल बनी रही।
मेले में नागौर, खजवाना, कुचेरा, रायपुर, रियांबड़ी, जयपुर, चेन्नई और जैतारण सहित विभिन्न शहरों और कस्बों से श्रद्धालु पहुंचे। दो दिवसीय आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।






















































