तीन खाद फैक्ट्रियों पर कृषि विभाग का छापा, बिक्री पर रोक, नोटिस जारी

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

ओस्तवाल फॉसकेम (इंडिया) लिमिटेड, गायत्री स्पिनर्स लिमिटेड, आईपीएल (मंगलम) मंगलम फैक्ट्री मे मिली अनियमिताएं

तीन इकाईयों में बनता है सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी), लापरवाही की आई बात सामने

भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) भाजपा के वरिष्ठ एवं तेज तर्रार नेता तथा राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी मीणा पिछले कुछ दिनों से लगातार एक्शन के मूड में है और नकली खाद बीज बेचने वाले तथा बनाने वाली फैक्ट्रियां के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है और इसी अभियान के तहत रविवार को डॉ. किरोडी के दिशा निर्देश पर जयपुर से कृषि आयुक्तालय की टीम ने हमीरगढ़ क्षेत्र मे स्थित 3 खाद फैक्ट्री पर छापा डाला जहां पर जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर खाद की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही फैक्ट्री मालिक को नोटिस जारी किया है। भीलवाड़ा कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर शंकर सिंह राठौड़ ने बताया कि कृषि मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा के दिशा निर्देश मिलने के बाद जयपुर से कृषि आयुक्तालय से संयुक्त निदेशक नवल किशोर मीणा के नेतृत्व में एक टीम भीलवाड़ा पहुंची और भीलवाड़ा कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर शहर से करीब 27 किलोमीटर दूर हमीरगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में स्थित ओजियाडा गांव में ओस्तवाल फॉसकेम इंडिया लिमिटेड खाद फैक्ट्री जो एक उर्वरक कंपनी है पर छापा मारकर जांच पड़ताल शुरू की। यह सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) और दानेदार सिंगल सुपर फास्फेट (जीएसएसपी) यूरिया खाद का उत्पादन होता है और हाल ही में हुई बारिश के बाद यहां पर तैयार स्टॉक की सही ढंग से स्टेकिंग नहीं की गई है जिससे नीचे की दो लेयर पानी में भीग चुकी है ऐसे में खाद में नमी पाई गई और वर्तमान में यह माल पानी में ही पड़ा हुआ मिला। इसके अलावा टीम ने फैक्ट्री में लैब का निरीक्षण किया और जांच पड़ताल की तो जांच में पाए गए की फर्टिलाइजर अर्थात खाद निर्माण का एनालिसिस सही तरीके से नहीं किया गया है और सेंपलिंग (नमूना) नहीं की गई है और खाद की क्वालिटी चेक करने का तरीका भी सही नहीं पाया गया। सैंपल को प्रशिक्षित विशेषणकर्ता के द्वारा चेक किया जाता है लेकिन जांच में पाया गया कि खाद उत्पादन में लगी इस फैक्ट्री के मालिक के पास जो विश्लेषणकर्ता है वह प्रशिक्षित नहीं है। बारिश में जो तैयार खाद भीगा हुआ था वह करीब 300 मेट्रिक टन माल था जिसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। विभाग की दिशा निर्देशों के तहत बारिश के सीजन में खाद के कट्टों के नीचे लकड़ी की पट्टियां लगाई जानी चाहिए ताकि बारिश में यह धरातल से ऊपर रहे और खाद में नमी न आए। हर फर्म को सुरक्षित स्टेंकिंग करनी चाहिए लेकिन इस फैक्ट्री में खाद की कट्टो की स्टेकिंग सही नहीं मिली। टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत फर्म को एक नोटिस दिया गया है क्योंकि फर्म में कृषि विभाग की ओर से खाद्य निर्माता फर्म के लिए जारी दिशा निर्देशों और नियमों का उल्लंघन किया है।

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