लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘राज उन्नति’ की 5वीं बैठक संपन्न, विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
भजनलाल शर्मा बोले — विकास कार्यों में देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन (राज उन्नति) की पांचवीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में 7 विभागों की लगभग 33 हजार 39 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी परियोजनाओं की टाइमलाइन और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचे।
डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि “राज उन्नति” राज्य सरकार की अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है।
बैठक में बताया गया कि अब तक आयोजित बैठकों में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा चुकी है। इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी नवाचार के रूप में सराहना मिली है।
पानी-बिजली की समस्या नहीं होनी चाहिए
भजनलाल शर्मा ने गर्मी के मौसम को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल और बिजली की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को जलदाय विभाग से समन्वय बनाकर शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि पानी और बिजली से जुड़े विभाग हर सात दिन में समीक्षा बैठक करें और प्रतिदिन मुख्यालय को रिपोर्ट भेजें।
ई-बस और चार्जिंग स्टेशन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत संबंधी अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में शीघ्र ई-बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और अलवर सहित प्रमुख शहरों में ई-बस सेवा के लिए डिपो एवं चार्जिंग स्टेशन के कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
आवासीय विद्यालयों और नहर परियोजनाओं पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय छात्रावासों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा गंग कैनाल, बीकानेर कैनाल परियोजना एवं श्रीगंगानगर क्षेत्र की नहरों के पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
जर्जर बस स्टैंड और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने जयपुर सहित विभिन्न शहरों में जर्जर छोटे बस स्टैंडों की मरम्मत इसी माह करवाने तथा बस रूट चार्ट लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने जयपुर-किशनगढ़-अजमेर-जोधपुर-पचपदरा एक्सप्रेसवे, ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेसवे, उदयपुर एलिवेटेड रोड एवं अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक परियोजनाओं की भी समीक्षा की।
शिकायतों में लापरवाही पर अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री ने संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की हर छोटी समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दौरान नागौर में पेयजल समस्या की शिकायत पर तत्कालीन सहायक अभियंता को निलंबित किया गया। वहीं कोटपुतली-बहरोड़ में सफाई व्यवस्था संबंधी शिकायत पर भी संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने परिवादियों से सीधे संवाद कर समस्याओं के समाधान पर संतोष व्यक्त करने के लिए धन्यवाद प्राप्त किया।
बैठक में मुख्य सचिव वी श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।























































