लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
श्रीगोपाल सागर आश्रम में भजन संध्या का आयोजन, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रद्धालु
जयपुर। गोनेर रोड स्थित विधाणी के श्रीगोपाल सागर आश्रम में श्रीविधाणी परिक्रमा महोत्सव के तहत गुरुवार शाम भजन संध्या आयोजित हुई। अखंड रामधुन और गुरु महिमा के भजनों से आश्रम परिसर भक्तिमय हो उठा। स्थानीय और बाहर से आए लोक कलाकारों ने पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु देर तक नृत्य करते रहे।
लोक कलाकार महेश शर्मा ने ‘गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना’ और ‘भज ले रे बाबा भजनानंद को भज ले’ प्रस्तुत किए। जगदीश छीपा ने ‘गुरु मेरी पूजा गुरु भगवंता’, रमेश छीपा ने ‘विधाणी का महाराज राखो म्हारी लाज’ और कन्हैया लाल ने ‘मैं तो पीऊं गुरु नाम का प्याला’ जैसे भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
आश्रम के लक्ष्मी निधि सरजू बिहारी ने बताया कि श्री मिथिला बिहारी महाराज के नेतृत्व में 7 से 12 अक्टूबर तक श्रीविधाणी परिक्रमा महोत्सव मनाया जा रहा है। आश्रम में अखंड रामधुन जारी है। प्रतिदिन शाम को होने वाली भजन संध्या में आकाशवाणी, दूरदर्शन से जुड़े कलाकार और लोक गायक प्रस्तुतियां दे रहे हैं। महोत्सव में विभिन्न मठों, मंदिरों और धामों से आए संत-महात्माओं ने भी आशीर्वचन दिए।
कार्यक्रम में जयपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य शहरों से श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान सैकड़ों भक्तों ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। महोत्सव के तहत 12 अक्टूबर को श्रीविधाणी परिक्रमा आयोजित होगी।

तीर्थ यात्रा से पहले गुरु की आज्ञा जरूरी: मिथिला बिहारी महाराज
महोत्सव में प्रवचन देते हुए मिथिला बिहारी महाराज ने कहा कि जीवन में गुरु का विशेष स्थान है। गुरु ही ज्ञान देकर सही मार्ग दिखाते हैं। वेदों, ग्रंथों और शास्त्रों में भी गुरु महिमा का वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा कि तीर्थ और धाम की यात्रा पर जाने से पहले गुरु की आज्ञा लेना अनिवार्य है।
अयोध्या से आए संत लक्ष्मण जिलाधीश ने कहा कि जीवन के अच्छे-बुरे और उतार-चढ़ाव भरे दौर में गुरु मार्गदर्शन करते हैं। बीमारी, परेशानी और आर्थिक संकट जैसी कठिन परिस्थितियों में गुरु संबल बनकर रास्ता दिखाते हैं।



















































