गहलोत पर बेढम का हमला, खनन लीज से RPSC तक उठाए सवाल

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

जयपुर । राजस्थान की राजनीति में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भाषण के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तथ्यों के साथ कांग्रेस सरकार को आईना दिखाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सच्चाई सामने आने के बाद गहलोत और कांग्रेस नेता बौखलाहट में प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

बेढम ने कहा कि अशोक गहलोत को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल से जुड़े उन मामलों का जवाब देना चाहिए, जिन पर प्रदेश की जनता आज भी स्पष्टीकरण चाहती है। उन्होंने कहा कि जनता आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि पुराने मामलों पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब चाहती है।

37 खनन लीज में 16 रिश्तेदारों को आवंटन का आरोप

गृह राज्य मंत्री ने जोधपुर के बड़ा काटेचा गांव में खनन लीज आवंटन का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि गांव में जारी की गई 37 खनन लीज में से 16 उनके रिश्तेदारों को कैसे मिलीं? बेढम ने आरोप लगाया कि इन आवंटनों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे और बाद में सरकार को इन्हें निरस्त करना पड़ा।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से पूछा कि इन लीज के आवंटन की परिस्थितियां क्या थीं और इन्हें रद्द करने की नौबत क्यों आई? बेढम ने कहा कि इस मामले में गहलोत को प्रदेश की जनता के सामने तथ्य रखने चाहिए।

ओएसडी और निजी सुरक्षाकर्मी के मामले पर भी घेरा

बेढम ने पूर्व मुख्यमंत्री के तत्कालीन ओएसडी से जुड़े आरोपों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या उनके ओएसडी ने गहलोत पर गलत काम कराने के आरोप नहीं लगाए थे? उन्होंने पूछा कि इन आरोपों की सच्चाई क्या है और पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पर सार्वजनिक रूप से संतोषजनक जवाब क्यों नहीं दिया?

गृह राज्य मंत्री ने गहलोत के निजी सुरक्षाकर्मी के जेल में बंद होने से जुड़े प्रकरण पर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि इस मामले की पृष्ठभूमि क्या थी और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।

RPSC सदस्य की नियुक्ति पर जवाबदेही की मांग

आरपीएससी से जुड़े मामले को लेकर बेढम ने कहा कि गहलोत सरकार के कार्यकाल में नियुक्त किए गए एक सदस्य के जेल में होने और कथित तौर पर पैसे देकर सदस्य बनने की बात स्वीकार किए जाने से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठना गंभीर विषय है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी तत्कालीन सरकार की बनती है।

बेढम ने कहा कि राजस्थान के युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद के साथ मेहनत की है। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने युवाओं के विश्वास को ठेस पहुंचाई है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना जरूरी है।

पेपरलीक, जेजेएम और फोन टैपिंग को लेकर भी हमला

गृह राज्य मंत्री ने गहलोत सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन (जेजेएम), पेपरलीक और मिड-डे-मील से जुड़े कथित घोटालों का जिक्र करते हुए आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि सरकार बचाने के लिए 18 महीने तक विधायकों को होटल में रखा गया और फोन टैपिंग तक करवाई गई। बेढम ने इन घटनाओं को पूर्ववर्ती सरकार के कुशासन का प्रमाण बताते हुए अशोक गहलोत से जनता से माफी मांगने की मांग की।

भजनलाल सरकार के सुशासन का दावा

बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के संकल्प के साथ काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की जनता को सच्चाई बताना और व्यवस्था में विश्वास बहाल करना है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से पुराने मामलों से जुड़े सवाल खत्म नहीं होंगे। अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री के भाषण पर बयानबाजी करने के बजाय बड़ा काटेचा की खनन लीज, ओएसडी से जुड़े आरोपों, निजी सुरक्षाकर्मी के मामले और आरपीएससी सदस्य से जुड़े प्रकरणों पर तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए।

बेढम ने कहा कि राजस्थान की जनता जवाब चाहती है और सवालों से बचने से सच्चाई नहीं बदलती।

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