लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से सरकारी सेवाएं होंगी आसान और पारदर्शी, मूल निवास प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन की जरूरत नहीं
जयपुर । राजस्थान में सरकारी सेवाओं को आमजन तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने ई-गवर्नेंस का दायरा बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर शुरू की गई ‘स्मार्ट’ परियोजना के माध्यम से अब पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ स्वचालित रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के तहत शुरू की गई सात सेवाओं से अब तक तीन लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं।
स्मार्ट यानी सर्विस मैनेजमेंट विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रियल टाइम सिस्टम परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान करना और उन्हें संबंधित सेवाओं से स्वतः जोड़ना है। इससे नागरिकों को बार-बार आवेदन करने, दस्तावेज जमा कराने और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मूल निवास प्रमाण-पत्र के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर
राज्य सरकार ने दो अक्टूबर को विकसित भारत-जन सेवा अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्मार्ट परियोजना के तहत मूल निवास प्रमाण-पत्र स्वतः जारी करने की सेवा शुरू की थी। इसके जरिए पात्र विद्यार्थियों को मूल निवास प्रमाण-पत्र के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा।
पहले चरण में स्कूल शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर राजस्थान में लगातार 10 वर्षों तक अध्ययन करने वाले करीब तीन लाख विद्यार्थियों की पहचान की गई है। इन विद्यार्थियों को उनकी सहमति के आधार पर मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार, नौ अक्टूबर तक 27 हजार से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
जन आधार, आरजीएचएस और राशन कार्ड में भी बदलाव स्वतः
स्मार्ट प्लेटफॉर्म के जरिए परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नवजात शिशु का जन आधार परिवार कार्ड, राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) परिवार कार्ड और राशन कार्ड में स्वतः नाम जोड़ने की सुविधा शामिल है। इसी तरह परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर संबंधित रिकॉर्ड से उसका नाम स्वतः हटाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
इन सेवाओं का उद्देश्य सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना, पात्र नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और अनावश्यक मानवीय हस्तक्षेप को कम करना है।
10 प्रमुख योजनाएं भी जुड़ेंगी प्लेटफॉर्म से
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक जुलाई को जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में स्मार्ट परियोजना का शुभारंभ किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राज उन्नति की नौवीं बैठक में विभिन्न विभागों की 10 प्रमुख योजनाओं को भी इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इन योजनाओं से संबंधित सेवाएं जल्द ही नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी है।
राज्य सरकार का जोर तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, लाभार्थियों की पहचान में पारदर्शिता लाने और सेवा वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने पर है। आने वाले समय में स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर और योजनाएं जुड़ने से नागरिकों को सरकारी सुविधाओं का लाभ कम औपचारिकताओं में उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।






















































