लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चित्तौड़गढ़/आरणी | (सत्यनारायण सेन)। मातृकुंडिया, जिसे मेवाड़ का हरिद्वार कहा जाता है, इन दिनों परिवहन सुविधाओं की कमी के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
रोडवेज बसें बंद, बढ़ी दिक्कतें
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले इस मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसें—आरणी से उदयपुर और चित्तौड़गढ़ से पाली वाया मातृकुंडिया—लंबे समय से बंद हैं। इससे आमजन और तीर्थ यात्रियों को निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पर्यटन पर भी असर
मातृकुंडिया धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल है। यहां स्थित 52 गेटों वाले बांध का नजारा देखने बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन परिवहन की कमी के कारण पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
️ स्थानीय लोगों में रोष
आरणी निवासी पंकज सेन सहित क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
⚠️ बस सेवा बहाल करने की मांग
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मातृकुंडिया के महत्व को देखते हुए जल्द से जल्द रोडवेज बस सेवाएं पुनः शुरू की जाएं।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।





















































