
जयपुर। वरिष्ठ पत्रकार सीताराम झालानी का सुबह निधन हो गया । झालानी ने लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। झालानी के निधन से पत्रकार जगत में शोक की लहर छा गई ।आपको बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार सीताराम झालानी पत्रकारिता के पुरोधा थे और उन्हें चलती फिरती पाठशाला भी कहते थे ।झालानी को पत्रकारिता का एनसाइक्लोपीडिया और डिक्शनरी के नाम से भी जाना जाता है ।जयपुर में या इतिहास से संबंधित कोई भी खबर लिखनी हो और जानकारी जुटाना हो तो लोग झालानी जी को ही फोन करते थे। यही नहीं बड़े-बड़े नेता भी एक दूसरे के खिलाफ कई बार पुरानी जानकारी जुटाना के लिए उनके घर जाया करते थे ।झालानी सभी पत्रकारों के सम्मानित रहे और मौजूद पत्रकारों के भी वह पुरोधा थे। नई पीढ़ी भी उनका उतना ही सम्मान करती है जितना पुरानी पीढ़ी। वे लंबे समय तक पिक सिटी प्रेस क्लब जयपुर के निर्वाचन अधिकारी के तौर पर निष्पक्ष भूमिका के लिए जाने जाते हैं रहेंगे। झालानी जी के मना करने के बाद ही पिंक सिटी प्रेस क्लब प्रबंध कार्यकारिणी ने दूसरे निर्वाचन अधिकारी बनाकर चुनाव कराए । वरना तो सबकी पसंद झालानी जी ही रहते थे । झालानी के निधन से उनके परिवार को तो गहरा शोक है ।पत्रकारता जगत में भी शोक की लहर छा गई है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ,पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ,पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है ।पिंक सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष राधा रमन शर्मा ,महामंत्री रामेंद्र सोलंकी, पूर्व अध्यक्ष सत्यपारिक ,एलएल शर्मा, बृजेश शर्मा ,किशोर शर्मा ,नीरज मेहरा ,मुकेश मीणा ,अभय जोशी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त किया है ।सभी ने इसे पत्रकारिता जगत के लिए ए पूर्णिया क्षति बताया है बताया है
















































