शरद पूर्णिमा पर गीत चांदनी में कवियों के गीतों ने रंग जमाया

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

छोड़कर चांद तारे गगन आ गई, 

प्रीत की लेके शीतल पवन आ गई, लाखों रोका इसे गर्दिशों ने मगर, चीरकर बादलों को किरण आ गई

जयपुर । शरद पूर्णिमा की चांदनी रात, दुधिया रोशनी मैं चांद ने अमृत वर्षा की तो गीत चांदनी में सराबोर होकर श्रोता खुद ब खुद गुनगुनाने लगे । गीत चांदनी में कवियों की रचनाओं का आनंद स्वयं विशंभर विश्व के शअंबर से सुनकर आनंदित हुए ।

राइटर क्लब की ओर से अजमेर रोड स्थित एक होटल में गीत चांदनी-2026 कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में देश व प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय स्तर के कवियों ने अपनी कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध किया ।

नोएडा से पधारी कवित्री डॉ. सरिता शर्मा ने सरस्वती वंदना से गीत चांदनी का शुभारंभ किया । इस अवसर पर डॉ. श्याम सुंदर शर्मा अकिंचन को डॉ. तारा प्रकाश जोशी स्मृति सम्मान एवं डॉ सरिता शर्मा को विशंभर मोदी स्मृति सम्मान स्वरूप शाल, नारियल, स्मृति चिन्ह,माला एवं सम्मान स्वरूप राशि प्रदान की गई ।

कार्यक्रम की शुरुआत नोएडा की डॉ. सरिता शर्मा ने *है कभी पीड़ा कभी आनंद है 

प्राण से यह प्राण का अनुबंध है 

देह कैसे गा सकेगी प्रेम को –

प्रेम केवल आत्मा का छंद है*गीत सुनाया । भदोही से कवित्री शिल्पी बरनाला ने

*समझते हैं भ्रमर केवल महकते फूल की महिमा

कोई प्यासा बताएगा नदी के कूल की महिमा….*, बांसवाड़ा के कवि तारेश दवे ने

तुम जहाँ से लौट आये दर्द लेकर

मैं वहीं से गीत ले कर आ रहा हूँ

नफ़रतें तुमको मिली, मैं उस गली से

प्यार आशातीत ले कर आ रहा हूँ.. ने गीत सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध किया । फालना से डॉ कविता किरण द्वारा छोड़ कर चाँद तारे गगन आ गयी.

प्रीत की लेके शीतल पवन आ गयी

लाख रोका इसे गर्दिशों ने मगर एक गीत सुनाया । कोटा के नारायण हलधर अपने दोहे –

अंत समय और सामने, गोरी तेरे नैन ।रामादल में आ गए,जैसे वैद सुशेन किसने बोले सांवली,बदली कड़वे बैन ।

आँसू ढुलकाती रही ,छत पर सारी रैन अपने दोहो से गीत चांदनी को सरोबार कर माहौल को बदल दिया । मथुरा के डॉ. श्याम सुंदर शर्मा अकिंचन ने अपनी रचना

चोट दर चोट सहता है,ये घायल

का मुकद्दर है,

लिपट कर पाँव से बजती ये पायल का मुकद्दर है।

आकिंचन दीद को कोई उमर सारी तरसता है,

नैन में चैन से सोता ये काजल का मुकद्दर है तथा कार्यक्रम का संचालन कर रहे मथुरा से पधारे कवि जगदीश मोहन रावत कुंडा संचालन के साथ जो गीत सुनाया वो है -पाप से न जोड़िए, साथ कुछ न जाएगा।

काल का प्रसार कठिन, तन में सह न पाएगा।

पाप हो कि पुण्य हो, सामने तो आएगा।

जो भरा तिजोरियों में, छूट यहीं जाएगा।

राइटर क्लब के अध्यक्ष लोकेश कुमार सिंह साहिल ने बताया कि कार्यक्रम में अनुराग मोदी, सीआईडी के डॉ.सारूखे नरेंद्र गुप्ता अतिथि रहे । भारी संख्या में श्रोताओं ने गीत चांदनी कार्यक्रम का आनंद लिया । अंत में सभी को खीर का वितरण किया गया ।

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