लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
500 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा, अजमीढ़ महाराज सहित देवी-देवताओं की सजीव झांकियों ने मोहा मन; प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
नागौर। (प्रदीप कुमार डागा) श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की ओर से रविवार को महाराजा अजमीढ़ जी की जयंती एवं शरद पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर खाई की गली स्थित माताजी के मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आयोजन का मुख्य आकर्षण माला की बोली रही, जो 1 लाख 1 हजार रुपये में संपन्न हुई। शोभायात्रा में करीब 500 महिलाओं ने कलश धारण कर भाग लिया।
सजीव झांकियों ने बांधा समां, जगह-जगह हुआ स्वागत
मनीष डांवर ने बताया कि शोभायात्रा में ओमप्रकाश, नरेश, आशीष और दिलीप मांडण ने माला की बोली लगाई, जो 1 लाख 1 हजार रुपये में संपन्न हुई। कलश यात्रा में शामिल सभी महिलाओं को समाज की ओर से उपहार स्वरूप पानी के कैंपर भेंट किए गए।
शोभायात्रा में महाराजा अजमीढ़ जी, नवदुर्गा, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और नौ देवियों की सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई यात्रा समाज भवन पहुंची। रास्ते में जगह-जगह समाजबंधुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
पुरुष एवं महिला भजन मंडलियों ने भजनों की प्रस्तुतियों से पूरे मार्ग को भक्तिमय बना दिया। पुरुष मंडली में दामोदर मांडण, अप्पू अग्रोया, मुन्ना कड़ेल और भिवराज सोनी ने भजन प्रस्तुत किए। वहीं महिला मंडली में राधा अग्रोया, यशवंती रोड़ा, मधु सहदेव, सुमित्रा डांवर, मंजू देवी, निर्मला देवी, मंजू मांडण, सुशीला सोनी और पुष्पा देवी सहित अन्य महिलाओं ने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और बच्चों का सम्मान
शोभायात्रा के बाद समाज भवन में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और झांकियों में भाग लेने वाले बच्चों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समाज की युवतियों ने निर्धारित ड्रेस कोड में भाग लेकर आयोजन की गरिमा बढ़ाई, जबकि बालिकाओं की भांगड़ा प्रस्तुति ने समारोह में उत्साह भर दिया।
एकता, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस उपाधीक्षक हरिराम सोनी, समाज अध्यक्ष ओमप्रकाश मांडण और महिला मंडल अध्यक्ष इंदुबाला सोनी ने समाज की एकता, शिक्षा, संस्कार और युवा पीढ़ी की भागीदारी को आवश्यक बताया।
हरिराम सोनी ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए आपसी एकता और सहयोग जरूरी है। युवाओं को सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।
समाज अध्यक्ष ओमप्रकाश मांडण ने कहा कि महाराजा अजमीढ़ जी की जयंती समाज के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और एकता का प्रतीक है। समाज की उन्नति के लिए शिक्षा को बढ़ावा देना, जरूरतमंद परिवारों की मदद करना और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
महिला मंडल अध्यक्ष इंदुबाला सोनी ने बालिका शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से नई पीढ़ी को बेहतर संस्कार और समाज को नई दिशा मिल सकती है।
बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की रही भागीदारी
आयोजन में निरंजन खजवानिया, गोपसा अग्रोया, मनोज सहदेव, बाबूलाल भवण, मुकेश कांदला, नथमल सोनी, देवकिशन डांवर, छोटमल मांडण, प्रमोद मांडण, महेंद्र रोड़ा, दीपक डांवर, राहुल मिरिण्डिया, बजरंग मांडण, नरेंद्र भवण, राकेश मौसूण, रामप्रसाद सहदेव, सुरेंद्र मांडण, नरेंद्र बदलिया, राज जड़िया, पवन मौसूण, बबलू अग्रोया, दीपक अग्रोया, श्रवण जवड़ा, राजेंद्र रोड़ा, योगेश मौसूण, कमल मौसूण, उत्तम ढल्ला, ऋषि कुकरा, संगीता रोड़ा, संतोष मांडण सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन सुरेंद्र रोड़ा ने किया।
महोत्सव ने समाज में एकता, शिक्षा, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।




















































