लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
महादेव का जलाभिषेक, गौमाता की पूजा और गौशाला में चारा-गुड़ भेंट कर दिया सेवा का संदेश
जयपुर/सुमेरपुर। जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को अपना 62वां जन्मदिन सादगी, सेवा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया। उन्होंने अपने जन्मदिवस को उत्सव के बजाय जनसेवा, गौसेवा और धार्मिक आस्था को समर्पित कर समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया।
जन्मदिवस के अवसर पर मंत्री कुमावत ने अपने निजी आवास पर पूजा-अर्चना के बाद शहर के भैरव चौक स्थित मंदिर में धोक लगाई। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद उन्होंने शिव मंदिर पहुंचकर महादेव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ उन्होंने गौसेवा को भी विशेष महत्व देते हुए गौमाता को चारा खिलाया तथा निराश्रित गौवंश के लिए एक ट्रॉली हरा चारा भेंट किया।
मंत्री कुमावत ने बाद में कोलीवाड़ा स्थित गौशाला पहुंचकर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गुड़ व चारा खिलाया। उन्होंने गौशाला को अपने वजन के बराबर 86 किलो गुड़ तथा एक ट्रॉली हरा चारा भेंट किया। गौशाला परिसर में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
दिनभर लगा शुभचिंतकों का तांता
जन्मदिवस के अवसर पर सुमेरपुर स्थित मंत्री आवास पर दिनभर कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों का आना-जाना लगा रहा। लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए संगठन और सरकार में उनके कार्यों की सराहना की तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। मंत्री कुमावत ने भी सभी का आभार व्यक्त करते हुए मिठाई खिलाई और आगंतुकों के लिए जलपान की व्यवस्था करवाई।
परिवार संग मनाया खास पल
व्यस्त कार्यक्रमों के बीच मंत्री कुमावत ने अपने परिवार के साथ जन्मदिन का केक काटकर खुशी साझा की। उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया और भोजन कर इस खास दिन को यादगार बनाया। इसके बाद अपराह्न चार बजे वे अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए।
प्रदेशभर में हुए सेवा और पशु चिकित्सा शिविर
मंत्री कुमावत के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेशभर में उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर पूजा-अर्चना, हवन, स्वच्छता अभियान और गौसेवा के कार्यक्रम हुए।
इसी अवसर पर प्रदेश की पंजीकृत एवं अपंजीकृत गौशालाओं में पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविरों का आयोजन भी किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने अपने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया। चिकित्सकों ने आवश्यक उपचार, औषधि वितरण तथा कृत्रिम गर्भाधान संबंधी सेवाएं भी उपलब्ध करवाईं।




















































