लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर । राजस्थान विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ARUTA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं माला भेंट की और एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें यह मांग की गई कि विश्वविद्यालय में चयन समिति द्वारा नियमानुसार (UGC रेगुलेशन 2010 के अंतर्गत) प्रोफेसर पद हेतु चयनित शिक्षकों को उनके प्रारंभिक नियुक्ति दिनांक से सेवा की गणना करते हुए CAS प्रोफेसर पद का लाभ दिया जाए। यह आदेश 25 सितंबर 2021 को सिंडिकेट की स्वीकृति के बाद जारी किए गए थे।
ARUTA अध्यक्ष प्रो. बी.डी. रावत ने मंत्री को अवगत कराया कि वर्ष 2018 से राज्य के 2000 से अधिक महाविद्यालयीन शिक्षकों को प्रोफेसर पद की CAS पदोन्नति प्रदान की गई है तथा उन्हें उनके सभी एरियर्स का भुगतान भी कर दिया गया है।
किन्तु, राजस्थान विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ भेदभाव किया गया है, और उच्चतम न्यायालय के 29 नवंबर 2018 के अंतिम निर्णय के अनुसार केवल 85 शिक्षकों को ही पदस्थापन (फिक्सेशन) और एरियर्स का लाभ प्रदान नहीं किया गया है। इन 85 में से 7 प्रोफेसरों का पिछले 5 वर्षों में निधन भी हो चुका है।
इस पर डॉ. बैरवा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राजस्थान विश्वविद्यालय के शिक्षकों की यह दीर्घकालिक और न्यायोचित समस्या शीघ्र ही समाधान की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में प्रो. एम.एस. शर्मा (महामंत्री), प्रो. दलवीर सिंह (उपाध्यक्ष), प्रो. आर.के. अग्रवाल एवं मौजूद रहे।

















































