लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर: भरतपुर में आरबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में ट्रॉली पुलर और व्हीलचेयर की कमी के चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा मामले में एक बेहोश महिला को परिजन गोद में उठाकर करीब 400 मीटर दूर इमरजेंसी वार्ड तक दौड़े। बताया गया कि महिला को अस्पताल गेट पर लाने के बाद वह अचानक बेहोश हो गई। परिजनों ने ट्रॉली और स्टाफ की तलाश की, लेकिन काफी देर तक कोई ट्रॉली पुलर उपलब्ध नहीं हुआ। मजबूरी में परिजन महिला को गोद में उठाकर इमरजेंसी तक पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू किया गया।
इसी तरह एक अन्य घटना में एक दिव्यांग व्यक्ति को व्हीलचेयर नहीं मिलने पर रैंप पर हाथों के सहारे घिसटकर अंदर जाना पड़ा।
अस्पताल में ट्रॉली पुलर और व्हीलचेयर की कमी की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही हैं। कई बार मरीजों को खुद ही स्ट्रेचर खींचना पड़ता है या परिजनों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है। इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने से मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
इन घटनाओं ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति उजागर कर दी है।




















































