लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर (प्रदीप कुमार डागा) नागौर जिले की खींवसर विधानसभा क्षेत्र के करणु गांव में किसानों के विद्युत कनेक्शन विच्छेद किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आरएलपी सुप्रीमो एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बेनीवाल ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि हुक्माराम जाखड़ के दो विद्युत कनेक्शनों के बिल पूर्ण रूप से जमा होने के बावजूद अजमेर डिस्कॉम की टीमों द्वारा उन्हें काट दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई कथित रूप से भाजपा नेताओं के इशारे पर की गई है। इस दौरान किसानों के बिजली के खंभे और तार भी तोड़े जाने की बात कही गई है।
सांसद ने कहा कि बिना उचित कारण और निर्धारित प्रक्रिया के किसानों की विद्युत लाइनों को हटाना पूरी तरह अनुचित है और यह अन्नदाताओं को परेशान करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई उनकी आजीविका पर सीधा असर डालती है।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि एक दिन पहले ही कुछ नेता किसान हितैषी होने का दावा कर रहे थे, जबकि अगले ही दिन किसानों की बिजली लाइनों को हटाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विद्युत विभाग के अधिकारी स्थानीय नेताओं के दबाव में किसानों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जो निंदनीय है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को एक्स पर पोस्ट कर सवाल किया कि क्या किसानों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई सरकार की नीति का हिस्सा है।
इसके साथ ही बेनीवाल ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, डिस्कॉम चेयरपर्सन आरती डोगरा और अजमेर डिस्कॉम एमडी से फोन पर बातचीत कर मामले पर आपत्ति जताई है।























































