लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
परिजन पहुंचे एसपी की शरण में
मकान निर्माण के दौरान हुआ हादसा, परिजनों ने ठेकेदार पर लापरवाही का लगाया आरोप; मथुरा गेट थाना पुलिस पर नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप
भरतपुर। शहर के सारस चौराहा पुलिस चौकी के पास मकान निर्माण कार्य के दौरान एक मजदूर 11 हजार केवी की विद्युत लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। घायल मजदूर की पहचान बादल, निवासी सेवर के रूप में हुई है। परिजनों का दावा है कि हादसे में बादल करीब 75 प्रतिशत तक झुलस गया और वर्तमान में वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है।
घटना के बाद पुलिस कार्रवाई से नाराज पीड़ित परिवार घायल मजदूर को लेकर भरतपुर एसपी कार्यालय पहुंचा और पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के करीब साढ़े तीन महीने बाद भी मामले में नामजद आरोपी ठेकेदार के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। एसपी राजेश मीणा ने परिजनों को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ठेकेदार पर सुरक्षा के प्रति लापरवाही का आरोप
घायल बादल और उसके परिजनों के अनुसार वह मकान निर्माण कार्य में मजदूरी करने गया था। काम के दौरान ठेकेदार ने उसे छत से कट्टा लाने और उसमें बजरी भरकर ऊपर पहुंचाने के लिए कहा। परिजनों का आरोप है कि छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी विद्युत लाइन की जानकारी और उससे बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी।
बादल के मुताबिक कट्टा लेने के दौरान वह विद्युत लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह मौके पर ही बेहोश हो गया। उसे उपचार के लिए भरतपुर के आरबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे होश आया और चिकित्सकों ने उसके गंभीर रूप से झुलसने की जानकारी दी।
भरतपुर के बाद जयपुर में कराया इलाज
परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद घायल मजदूर को पहले भरतपुर में उपचार दिलाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए जयपुर भी ले जाया गया। घायल के पिता किशन लाल का आरोप है कि इलाज में लाखों रुपये खर्च होने के कारण परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
किशन लाल के अनुसार परिवार ने ठेकेदार से इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी, लेकिन कथित तौर पर जिम्मेदारी दूसरे पक्ष पर डालकर मदद से बचने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि उनका बेटा गंभीर रूप से झुलसा हुआ है और अब भी सामान्य रूप से चलने में सक्षम नहीं है।
मथुरा गेट थाने में दर्ज कराई एफआईआर
परिजनों ने बताया कि हादसे को लेकर मथुरा गेट थाना पुलिस में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उनका आरोप है कि घटना के करीब तीन से चार महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस ने नामजद आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार नहीं किया है।
परिजनों का कहना है कि पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलता रहा, लेकिन उन्हें लगातार थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिवार घायल मजदूर को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा।
निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता की मांग
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही परिवार ने घायल मजदूर के समुचित उपचार की व्यवस्था कराने तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को उचित आर्थिक सहायता दिलाने की मांग भी की है।
परिजनों के अनुसार एसपी राजेश मीणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।





















































