सत्ता के लिए तड़प रही कांग्रेस, अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहती है: मदन राठौड़

0
10
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आरोप—विरोध के नाम पर राजनीतिक मर्यादाएं लांघ रही कांग्रेस, विद्रोह की बातें लोकतंत्र के लिए चिंताजनक

जयपुर (रूपनारायण सांवरिया)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर सत्ता हासिल करने की बेचैनी में राजनीतिक मर्यादाएं तोड़ने और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार का विरोध करने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल और विद्रोह जैसी बातें स्वीकार्य नहीं हैं। सत्ता हासिल करने का रास्ता जनता का विश्वास जीतने और जनसेवा से होकर गुजरता है, न कि अराजकता फैलाने से।

राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। जिनके पास तथ्यों और तर्कों का अभाव होता है, वे अक्सर अमर्यादित भाषा का सहारा लेते हैं। जनता नेताओं के बयानों और आचरण पर नजर रखती है तथा समय आने पर इसका जवाब भी देती है।

वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस की ओर से वोट चोरी के आरोप लगाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची और नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस को भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने सोनिया गांधी के मतदाता पहचान पत्र और भारतीय नागरिकता से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में विस्तृत दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए।

एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम कटने के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि जिन लोगों के नाम हटाए जाने की बात कही जा रही है, उनके मामलों की तथ्यात्मक जांच होनी चाहिए। उनके मुताबिक, केवल आरोप लगाने के बजाय संबंधित तथ्यों को सामने लाने से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

खरगे के बयान और विद्रोह की बात पर जताई आपत्ति

राठौड़ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने के लिए विद्रोह की बात कहे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी राजनीतिक विरोध को अनुचित दिशा में ले जाती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण रैली और प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल कानून और अनुशासन के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। राजनीतिक विरोध के नाम पर वैमनस्य या अराजकता को बढ़ावा देना उचित नहीं है।

जनादेश से मिलती है सत्ता, अराजकता से नहीं

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक दल का उद्देश्य सत्ता हासिल करना हो सकता है, लेकिन इसके लिए जनता के बीच जाकर काम करना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और चुनाव में जनसमर्थन प्राप्त करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता से दूर रहने के कारण बेचैन है और इसी वजह से विद्रोह तथा अराजकता की बातें कर रही है।

राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती राजनीतिक मर्यादाओं, जनसेवा और संवैधानिक प्रक्रियाओं के पालन में है। सभी राजनीतिक दलों को विरोध करते समय अपनी भाषा और आचरण का ध्यान रखना चाहिए। जनता का विश्वास जीतकर जनादेश प्राप्त करना ही सत्ता हासिल करने का उचित रास्ता है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here