राजस्थान में सड़क विकास को नई रफ्तार, ₹37,527 करोड़ से 51,790 किमी सड़कों का विकास

0
28
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

भजनलाल सरकार की बड़ी उपलब्धि: 1,760 गांव डामर सड़कों से जुड़े, 765 अटल प्रगति पथों को मंजूरी

जयपुर। राजस्थान में गांवों से लेकर शहरों तक सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सड़क विकास कार्यों को गति दी जा रही है। राज्य सरकार के अनुसार, वर्तमान कार्यकाल में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 37,527 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर 51,790 किलोमीटर सड़कों का विकास किया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं के विस्तार के साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार ने इस अवधि में 18,917 किलोमीटर लंबाई की नई सड़कों के निर्माण पर 9,704 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और मुख्य जिला सड़कों के विकास के जरिए प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

41 जिलों में 1,763 विकास कार्यों का शिलान्यास

राज्य सरकार के मुताबिक, सितंबर-अक्टूबर 2026 के दौरान प्रदेश के सभी 41 जिलों में सार्वजनिक निर्माण विभाग के 3,040 करोड़ रुपये की लागत वाले 1,763 कार्यों का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा 371 करोड़ रुपये की लागत वाले 261 कार्यों का लोकार्पण किया गया है। इन परियोजनाओं से विभिन्न क्षेत्रों में सड़क और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।

1,760 गांव डामर सड़कों से जुड़े

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए सरकार ने 23,952 किलोमीटर लंबाई के कार्यों पर 12,311 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इसके तहत 1,760 गांवों और 21 बसावटों को डामर सड़कों से जोड़ा गया है।

बेहतर ग्रामीण संपर्क से किसानों, व्यापारियों और आमजन को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ कृषि उपज के परिवहन तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है।

765 अटल प्रगति पथों को मंजूरी

ग्रामीण इलाकों में धूल, कीचड़ और जलभराव जैसी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए अटल प्रगति पथ योजना के तहत 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में 765 सड़कों के निर्माण के लिए 1,686 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। इनमें से 335 अटल प्रगति पथों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को 31 जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

6,815 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और निर्माण पर काम

वित्तीय वर्ष 2026-27 में नॉन-पेचेबल सड़कों के नवीनीकरण और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए 3,453 कार्यों के तहत 2,226 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की गई हैं। इनमें से 2,836 कार्यों के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। इनके तहत 6,815 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और नए निर्माण का काम किया जा रहा है।

वहीं, बारिश से क्षतिग्रस्त पुलियाओं की मरम्मत के लिए 21 जिलों के 73 विधानसभा क्षेत्रों में 58 करोड़ रुपये की लागत से 424 कार्य शुरू करने की तैयारी है।

आरओबी, आरयूबी और एलिवेटेड रोड से मिलेगी राहत

यातायात को सुगम बनाने के लिए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) और उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 13 आरओबी और 17 आरयूबी का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 39 आरओबी और 12 आरयूबी के कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 13 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है और 13 पर काम जारी है।

भरतपुर में हीरादास चौराहे से कुम्हेर गेट चौराहे तथा काली बगीची चौराहे से बिजलीघर चौराहे होते हुए आरबीएम अस्पताल तक एलिवेटेड रोड का निर्माण चल रहा है। जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में मुहाना मोड़ पर भी एलिवेटेड रोड का काम जारी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना और आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण पर भी जोर

राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के तहत 1,900 करोड़ रुपये खर्च कर 610 किलोमीटर लंबाई के 26 कार्य पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, 3,220 करोड़ रुपये की लागत से 303 किलोमीटर लंबाई के 26 कार्य प्रगतिरत हैं।

वार्षिक योजना 2026-27 में 12,461 करोड़ रुपये की लागत से 623 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यों को अनुमोदित किया गया है। इनमें 190 किलोमीटर लंबाई के चार कार्यों को 3,920 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति मिल चुकी है।

आधुनिक तकनीक से सड़कों की गुणवत्ता पर निगरानी

सड़क निर्माण की गुणवत्ता और यातायात प्रबंधन बेहतर बनाने के लिए ऑनलाइन निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘सुगम पथ’ और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग इन्फॉर्मेशन सिस्टम (पीएमआईएस) के जरिए परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सीसीटीवी कैमरों, सेंसर और अन्य उपकरणों की मदद से यातायात की निगर

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here