गौतम हॉस्पिटल में मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का समापन

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

गौतम हॉस्पिटल में योग-ध्यान और लघु फिल्म से दिया जागरूकता का संदेश

जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास खंडेलवाल ने कराया 20 मिनट ध्यान अभ्यास,

जयपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शनिवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में योग, ध्यान और लघु फिल्म के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश विकास खंडेलवाल रहे।

न्यायाधीश विकास खंडेलवाल ने शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को लगभग 20 मिनट तक ध्यान का अभ्यास भी करवाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए शरीर के साथ मन का स्वस्थ रहना भी जरूरी है। नियमित योग और ध्यान तनाव प्रबंधन, एकाग्रता बढ़ाने तथा मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने दैनिक जीवन में सकारात्मक आदतें अपनाने और समग्र स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

‘भ्रम जाल’ फिल्म के जरिए मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों को दिखाया

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मरीज की सच्ची कहानी पर आधारित लघु फिल्म ‘भ्रम जाल’ का प्रदर्शन रहा। गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की सीईओ राजश्री गौतम के निर्देशन में तैयार इस फिल्म के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, उनसे जुड़ी भ्रांतियों और समय पर उचित सहायता प्राप्त करने के महत्व को प्रस्तुत किया गया।

फिल्म का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाना और मानसिक रोगों को लेकर समाज में मौजूद कलंक को कम करने के लिए प्रेरित करना था। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को समझना, प्रभावित व्यक्ति के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखना और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेना महत्वपूर्ण है।

पांच दिन में 16 गतिविधियों के जरिए जागरूकता अभियान

कार्यक्रम में डॉ. शिव गौतम ने मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 से 10 अक्टूबर 2026 तक चले इस अभियान में कुल 16 गतिविधियों के माध्यम से आमजन और युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।

इस दौरान नुक्कड़ नाटक, वाक्-कला प्रतियोगिता, रेडियो परिचर्चा, कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य पर टॉक शो और विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता व्याख्यान आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के जरिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों को दूर करने, तनाव प्रबंधन की समझ विकसित करने और भावनात्मक समस्याओं को पहचानने पर जोर दिया गया।

मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने की जरूरत

मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना रहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी संपूर्ण स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा है। तनाव और भावनात्मक समस्याओं को लेकर जागरूकता बढ़ाना, जजरूरतमंद लोगों को समय पर विशेषज्ञ सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना तथा प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना इस अभियान के प्रमुख लक्ष्य रहे।

गौतम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की यह पहल मानसिक स्वास्थ्य को जन-जागरूकता के केंद्र में लाने और समाज में समझ, सहयोग तथा सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। कार्यक्रम के माध्यम से योग, ध्यान और जागरूकता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।

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