लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
घुसपैठियों, नकली और मृत वोट की पैरवी गैर-संवैधानिक व गैर-कानूनी — भाजपा महासचिव
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया / लोक टुडे न्यूज नेटवर्क)
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि “वंदे मातरम भारत की क्रांति की गाथा है। इसके एक-एक शब्द में राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण झलकता है।”
जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों की प्रेरणा रहा और आज भी भारत के जन-जन के हृदय में गूंजता है।
चुघ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरे देश में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
7 नवम्बर को प्रधानमंत्री ने सामूहिक गायन कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। अब देश के हर जिले, शहीद स्मारक, ऐतिहासिक स्थल, स्कूल और कॉलेजों में वंदे मातरम के सामूहिक गायन के आयोजन होंगे।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी शामिल किया गया है और नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग का आह्वान किया जा रहा है।

बिहार चुनाव पर बोले चुघ
भाजपा नेता ने कहा कि “बिहार की जनता ने दादागिरी, जंगलराज और भ्रष्टाचार को वोट से जवाब दिया है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि 14 नवम्बर के नतीजे प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की पुष्टि करेंगे।
“घुसपैठिया मतदाता लोकतंत्र के लिए खतरा”
एसआईआर प्रक्रिया पर बात करते हुए चुघ ने कहा कि एसआईआर एक इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य घुसपैठिया, मृत और नकली वोटों की पहचान कर उन्हें हटाना है।
उन्होंने कहा कि “घुसपैठियों और नकली वोट की पैरवी करना न केवल गैर-कानूनी बल्कि गैर-संवैधानिक भी है।”
चुघ ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे देश के लोकतंत्र में “घुसपैठियों को वोट देने का अधिकार दिलाना चाहते हैं”, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।


















































