लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
ड्रोन और रॉकेट IED से हमला करने की तैयारी में थे आतंकी
नितिन मेहरा, वरिष्ठ संवाददाता (राजस्थान)
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि आतंकी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े आतंकवादी भारत में बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। जांच के अनुसार आतंकियों की योजना ड्रोन और रॉकेट आधारित IED के जरिए देश में तबाही मचाने की थी।
लाल किला था मुख्य निशाना
एनआईए जांच में सामने आया कि आतंकियों का मुख्य लक्ष्य दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किला था। हमले से पहले विभिन्न स्थानों पर ड्रोन और विस्फोटक उपकरणों का परीक्षण भी किया गया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते पूरी साजिश समय रहते विफल कर दी गई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जुटाई सामग्री
चार्जशीट के अनुसार मॉड्यूल जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में सक्रिय था। आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन माध्यमों और स्थानीय बाजारों से विस्फोटक बनाने की सामग्री एवं तकनीकी जानकारी जुटा रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए सामान्य उपयोग की वस्तुओं का इस्तेमाल किया जा रहा था।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक तैयार करने में प्रयुक्त संवेदनशील रसायन बरामद किए गए। बरामद सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच
एनआईए के मुताबिक इस साजिश के तार सीमा पार से भी जुड़े हो सकते हैं। श्रीनगर में हुई गुप्त बैठकों में नए आतंकी विंग के गठन पर चर्चा हुई थी। कुछ आरोपी विदेशी रास्तों से बाहर जाकर प्रशिक्षण लेने की योजना बना रहे थे।
चार्जशीट में बड़े स्तर पर साक्ष्य
एनआईए ने कोर्ट में वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत चार्जशीट पेश की है।
- लगभग 588 गवाहों के बयान शामिल किए गए
- करीब 395 दस्तावेजी सबूत कोर्ट में पेश किए गए
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डेटा को महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य माना गया
मुख्य आरोपी
मामले में ज़ियाउर रहमान, मोहम्मद आरिफ, आसिफ अहमद बारी सहित कई आरोपियों को नामजद किया गया है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई हैं।






















































