किसानों की मेहनत पर भारी बारिश का कहर

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

 सिर्फ एक घंटे में खरीफ फसल और चारा बर्बाद, मुआवजे की मांग

पादूकलां: कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अचानक हुई एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने किसानों और ग्रामीणों की मेहनत पर भारी संकट डाल दिया। बारिश के कारण खेत-खलिहान, घरों के आंगन और गलियां जलमग्न हो गईं।

इस बार की बारिश सावन माह में हुई बारिश जैसी लगातार और जोरदार रही, जिसने किसानों को चौंका दिया। आमतौर पर मानसून के बाद मौसम शांत रहता है, लेकिन इस बार बारिश ने किसानों का पीछा नहीं छोड़ा।

वर्तमान में खरीफ फसल की कटाई जोरों पर थी। मूंग, ग्वार, ज्वार, बाजरा और अन्य फसलें अपने अंतिम पड़ाव पर थीं। तेज बारिश के कारण अधिकांश फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। साथ ही, पशुओं के लिए रखा चारा भी बर्बाद हो गया, जिससे किसानों को अपने पशुओं के लिए भी संकट का सामना करना पड़ रहा है।

एक किसान ने बताया कि सालभर खेतों में मेहनत की और चारा भी तैयार किया था, लेकिन सिर्फ एक घंटे की बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। अब पशुओं के लिए भी कुछ नहीं बचा। ग्रामीण और किसान मिलकर बारिश के पानी को निकालने और खेतों की क्षति का आकलन करने में जुटे हुए हैं।

ग्रामीण अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं ताकि इस आपदा के प्रभाव को कम किया जा सके।

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