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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर । प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से मंगलवार को जयपुर ग्रामीण में आयोजित जयपुर रेंज स्तरीय बैठक में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब हर थाना प्रभारी व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करेगा कि पीड़ित की शिकायत तुरंत, संवेदनशीलता और पूरी गंभीरता से सुनी जाए।
डीजीपी ने साफ शब्दों में कहा कि थानों में अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। वांछित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी, हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सजा दिलाने की दर 100% करने का लक्ष्य
न्याय प्रणाली को गति देने के लिए डीजीपी ने अपराधियों को शत-प्रतिशत सजा दिलाने का लक्ष्य तय किया। चोरी, लूट, जबरन वसूली जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तारी और माल बरामदगी के बाद चार्जशीट में देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि साक्ष्य इतने मजबूत और वैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत किए जाएं कि कोर्ट में आरोपी के बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
साइबर अपराध, POCSO और महिला अत्याचार मामलों पर फोकस
डीजीपी ने साइबर अपराध, आईटी एक्ट, POCSO और महिला अत्याचार से जुड़े लंबित मामलों को 60 दिनों के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर आने वाली शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
नशे के कारोबार पर बड़ा अल्टीमेटम
डीजीपी ने चेतावनी दी कि यदि किसी थाना क्षेत्र में ड्रग्स या एमडी ड्रग फैक्ट्री संचालित पाई जाती है तो संबंधित थाना प्रभारी और सुपरवाइजरी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
✈️ महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष निर्देश
महिला सुरक्षा के लिए कालिका यूनिट को और सक्रिय करने तथा यातायात प्रबंधन सुधारने के लिए स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद लेने की योजना पर भी जोर दिया गया।
⚖️ झूठे मुकदमों पर भी सख्ती
डीजीपी ने झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, संतरी ड्यूटी में अतिरिक्त सतर्कता और धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश देकर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने का संकल्प दोहराया।
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