लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, (राजस्थान)
अजमेर | अजमेर शहर में गहराते पेयजल संकट, अनियमित जलापूर्ति और कम दबाव की समस्या को लेकर मंगलवार को अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने जलदाय विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शहर अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मटके और बाल्टियां लेकर रैली निकाली तथा जलदाय विभाग कार्यालय का घेराव कर विरोध दर्ज कराया।
ठेला चलाकर किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता ठेला चलाते हुए जल संकट को लेकर आमजन की परेशानी को दर्शाते नजर आए। जलदाय विभाग कार्यालय पहुंचने पर उन्होंने डबली और झुनझुना बजाकर विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
मटके फोड़कर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभाग परिसर के बाहर मटके फोड़कर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान कुछ मटके सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के पास जाकर गिरे, जिससे कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया। बाद में पुलिस और कांग्रेस नेताओं ने स्थिति को नियंत्रित किया।
96 घंटे में जलापूर्ति का आरोप, रखीं 8 प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया कि शहर के कई क्षेत्रों में चार-चार दिन बाद पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में कम दबाव के कारण पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है।
ज्ञापन में कांग्रेस ने निम्न प्रमुख मांगें रखीं—
- सभी जोनों का जलापूर्ति टाइम-टेबल सार्वजनिक किया जाए।
- प्रत्येक जोन में जलापूर्ति का निश्चित समय तय किया जाए।
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्याप्त दबाव के साथ पानी उपलब्ध कराया जाए।
- कार्यालयीन समय के दौरान जलापूर्ति नहीं की जाए।
- लीकेज और क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की तत्काल मरम्मत की जाए।
- प्रभावित क्षेत्रों में नियमित टैंकरों से पानी पहुंचाया जाए।
- जल संकट वाले इलाकों में नए हैंडपंप स्थापित किए जाएं।
- घोषित 96 घंटे की जलापूर्ति व्यवस्था का सख्ती से पालन किया जाए।
7 दिन का अल्टीमेटम
शहर अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने प्रशासन और जलदाय विभाग को 7 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और वार्डवार जलापूर्ति की स्पष्ट जानकारी जनता को नहीं दी गई, तो कांग्रेस इससे भी बड़ा जनआंदोलन करेगी।
कांग्रेस का कहना है कि बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।




















































