लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई:
अजमेर (नितिन मेहरा) – राजस्थान परिवहन विभाग ने अजमेर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मांगलियावास क्षेत्र स्थित एक वाहन बॉडी निर्माता इकाई पर छापा मारकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि बिना बॉडी बने ही 13 भारी वाहनों का फर्जी तरीके से पंजीकरण कर दिया गया था।
4 खाली चैसिस और 9 निर्माणाधीन वाहन जब्त
परिवहन मुख्यालय जयपुर और अजमेर जिला परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम लबाना स्थित ‘एसबी ग्रुप इंजीनियरिंग’ पर कार्रवाई की।
निरीक्षण के दौरान:
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4 वाहन केवल खाली चैसिस के रूप में मिले
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9 वाहनों पर बॉडी निर्माण कार्य जारी था
हैरानी की बात यह रही कि इन सभी 13 वाहनों का पंजीकरण पहले ही किया जा चुका था।
बिना सत्यापन जारी हुए नंबर
जिला परिवहन अधिकारी राजीव शर्मा ने बताया कि नियमों के अनुसार किसी भी भारी वाहन का पंजीकरण तभी संभव है जब:
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बॉडी निर्धारित प्रोटोटाइप के अनुसार तैयार हो
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परिवहन निरीक्षक द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाए
लेकिन इस मामले में बिना बॉडी बने ही रजिस्ट्रेशन कर दिया गया, जिससे विभागीय प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं।
दौसा और चित्तौड़गढ़ से जुड़ा मामला
प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये सभी वाहन दौसा और चित्तौड़गढ़ परिवहन कार्यालयों में पंजीकृत हैं।
मौके पर इन वाहनों की नंबर प्लेट भी तैयार अवस्था में मिली, जो पूरे मामले को और संदिग्ध बनाती है।
पुलिस सुरक्षा में कार्रवाई
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4 खाली चैसिस को मांगलियावास थाने में सीज किया गया
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9 निर्माणाधीन वाहनों को परिसर में ही सीज कर कर्मचारियों की सुपुर्दगी में दिया गया
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वाहनों को यथास्थिति में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए
मुख्यालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
जांच टीम ने पूरे परिसर की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाए हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित बॉडी निर्माता को इसी साल जनवरी में ट्रेड सर्टिफिकेट जारी किया गया था।
इस कार्रवाई में मुख्यालय के डीटीओ महेश चंद शर्मा, संजय शर्मा और परिवहन निरीक्षक नवनीत बाटड शामिल रहे।
अब विभाग इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय को सौंपेगा, जिसके बाद दोषी अधिकारियों और संबंधित फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना है।



















































