लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
फिरोजपुर में नशा विरोधी यात्रा में बोले राजस्थान CM—नशामुक्त पंजाब सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, युवाओं और भविष्य को बचाने की लड़ाई
फिरोजपुर। (रितु मेहरा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को पंजाब के फिरोजपुर जिले के ममदोट में ‘नशा विरोधी यात्रा—नशामुक्त पंजाब’ के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में सरकार की विफलता का खामियाजा पंजाब के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्त पंजाब का अभियान केवल किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। नशे के खिलाफ लड़ाई को जनआंदोलन का रूप देना होगा और समाज के हर वर्ग को इसमें भागीदारी करनी होगी।
‘नशे के खिलाफ सिर्फ छोटे मोहरों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं’
भजनलाल शर्मा ने कहा कि नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए केवल नशा बेचने वालों या छोटे स्तर के आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। नशे के स्रोत, तस्करी के रास्तों, मुख्य सरगनाओं और पूरे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है।
उन्होंने केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2025 में देशभर में ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी 305 घटनाएं सामने आईं, जिनमें 298 घटनाएं पंजाब सीमा पर दर्ज हुईं। इन मामलों में करीब 460 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पार से होने वाली तस्करी में ड्रोन, एन्क्रिप्टेड संचार और स्थानीय नेटवर्क जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की चुनौती सामने आ रही है। ऐसे में तस्करी के पूरे तंत्र पर कार्रवाई जरूरी है।
‘नशामुक्ति की गारंटी की तारीखें बदलती रहीं’
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर चुनाव से पहले नशे को कुछ महीनों में खत्म करने के वादे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति को लेकर किए गए वादों के बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि पंजाब के लोगों के सामने अब राजनीतिक घोषणाओं के बजाय ठोस कार्रवाई और परिणाम की जरूरत है।
उन्होंने पंजाब सरकार की ओर से नशे के मामलों में कार्रवाई और सजा की दर बढ़ने के दावों का भी उल्लेख किया तथा कहा कि नशे की समस्या को लेकर कानून-व्यवस्था और प्रवर्तन व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
‘नशामुक्त भारत के लिए रोडमैप तैयार’
भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नशामुक्त भारत के लिए व्यापक रणनीति पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य नशे के स्रोतों पर कार्रवाई, तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, अवैध वित्तीय तंत्र पर प्रहार करना और नशे के शिकार लोगों के उपचार एवं पुनर्वास को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत देश की युवा शक्ति है। युवा स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त होंगे तभी देश के विकास का लक्ष्य मजबूत होगा। नशामुक्ति केंद्रों की क्षमता बढ़ाने, महिलाओं और बच्चों के लिए पुनर्वास सुविधाओं को मजबूत करने तथा युवाओं को जागरूकता अभियान से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
राजस्थान में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। खासकर सीमावर्ती जिलों में तस्करी के नेटवर्क पर नजर रखते हुए सुरक्षा और खुफिया तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान और पंजाब दोनों ही सीमावर्ती क्षेत्र हैं, इसलिए नशे की तस्करी से निपटने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान भी जरूरी है।
‘नशामुक्त पंजाब के लिए मिलकर आगे आएं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को नशे के तस्करों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान से जुड़ने और इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि नशामुक्त पंजाब की लड़ाई केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, युवा, सामाजिक संगठन और आम नागरिक मिलकर प्रयास करेंगे तभी नशे के खिलाफ निर्णायक सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकेगा।




















































