
जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर से चोरी हुए 4 माह के दिव्यांश को पुलिस ने दस्तयाब कर लिया है । पुलिस के अनुसार आरोपी राजू भरतपुर के नदबई का रहने वाला है, जो वर्तमान में मानसरोवर इलाके में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करता है । राजू के 3 बेटियां हैं और बेटा नहीं है, बेटे की चाहत में ही राजू ने 4 माह के दिव्यांश को चोरी किया था।सीधे घर पर मां और अपनी पत्नी को सौंप दिया। 3 बेटियां भी भाई मिलने से खुश थी ,दादी और मां की तो खुशी का ठिकाना ही नहीं था ।लेकिन उन्हें पता नहीं था कि यह बेटा किसी का चोरी कर लाया हुआ है। उन्हें तो पता था था कि लड़का गोद लाया हुआ है। राजू ने मां और पत्नी को लड़का चोरी करने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी ,उसने गोद लाने की बात ही कही थी। पीड़ित का परिवार समाचार पत्र और टीवी चैनल से भी दूर रहता है ऐसे में होने की भी जानकारी नहीं मिला कि शहर में से कोई बच्चा चोरी हुआ है। लेकिन घर को चिराग मिलने से बहनों को भाई मिलने से मांग को बेटा और दादी को पोता मिलने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल जरूर था। लेकिन दिव्यांश को चोरी करने के बाद फिर राजू जरूर गुमसुम हो गया था वह किस से बात नहीं कर रहा था और काम पर भी नहीं जा रहा था। कहीं ना कहीं राजू को खुद के पकड़े जाने का डर था क्योंकि उसकी फोटो अखबार में लगातार चपरी थी ऐसे में उसे यह डर था कि अब जल्दी कहीं भी कभी भी पकड़ा जा सकता है।
सोशल मीडिया बना बड़ा हथियार
महेश नगर थाना पुलिस को अज्ञात लोगों ने फोन करके यह जानकारी दी जिस तरह का हुलिया बताया जा रहा है, उस तरह के हुलिया वाला आदमी वीटी रोड स्थित चौखटी पर देखा जाता है । जहां मजदूरों की चौखट ईद की टीटी ही लगती है
जहां से वह मजदूरी करने जाता है, लेकिन तीन-चार दिन से मैं नजर नहीं आ रहा है। किसी साथी ने उसके नंबर महेश नगर थाने के भीम सिंह को शेयर किए। जब उन नंबरों को s.m.s. के नंबरों में ट्रेस आउट किया गया तो नंबरों का मिलान हो गया। उसके बाद थाना पुलिस के भीम सिंह में यह बात अपने सीनियर अफसरों को बताई और उसके बाद पुलिस उपायुक्त अजय सिंह लांबा ने मानसरोवर इलाके में सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ रेड करवाई।जब विष्णु पहुंची तो बच्चा आरोपी की मां और दादी के पास खेलता हुआ मिला । जब उनसे पूछताछ की गई तो पूरा राज खुल गया । लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि लोगों में अभी भी बेटे की चाहत कितनी होती है और बेटे की चाहत को पूरा करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। घर का चिराग लड़का ही होगा ,इस तरह की सोच बहुत ज्यादा है । लोग इसके लिए किसी का बेटा चुराने से भी बाज नहीं आते हैं और भी लड़के की चाहत में ही एक के बाद एक करके कई संताने के पैदा कर देते हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है । पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और आरोपी ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है। लेकिन इन सबके बावजूद हमारे समाज की घटिया सोच भी सामने आ रही है । जिससे हम बेटे की चाहत में किस हद तक जाते हैं, या जाने को मजबूर हो जाते हैं।












































