लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्कॉ
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॅा. किरोड़ी लाल मीना पर जोरदार हमला बोलते हुए खाद-बीज छापों के दौरान कथित उगाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। डोटासरा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच करवाने की चुनौती देते हुए कहा कि यदि किरोड़ी लाल मीना वास्तव में ईमानदार हैं तो पहले मंत्री पद से इस्तीफा दें और फिर जांच का सामना करें।
पीसीसी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि किरोड़ी लाल मीना दूसरों पर गंभीर आरोप लगाने में देर नहीं करते, लेकिन जब सवाल खुद पर उठते हैं तो बेचैन हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री जिस पर चाहें आरोप लगा देते हैं और लोगों के बेटे-बेटियों के भविष्य को दांव पर लगाने का प्रयास करते हैं।
डोटासरा ने कहा, “डॉ. किरोड़ी लाल मीना इतने ही ईमानदार हैं तो मंत्री पद छोड़ें, सरकार को स्वतंत्र जांच करने दें। सच सामने आ जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि खाद-बीज छापों के नाम पर कथित उगाही की शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

डॅा किरोड़ी ने पकड़ लिये थे मुख्यमंत्री के पैर
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जब एक बार डॅा. किरोड़ी लाल मीना ने मुकदमों और गिरफ्तारी से बचने के लिए सचिवालय में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर पकड़ लिए थे और आज आरोप लगाते घूम रहे है। जैसे वे ही राजा हरीश चंद्र है और बाकी सभी बेईमान। यदि ऐसा है तो आप तो ढाई साल से मंत्री हो हम सबको जेल में डाल दो। जांच करवा लो जो दोषी हो उसको सजा दो।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सीमा क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है और इस तरह की कार्रवाइयों से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
हनुमान बेनीवाल के खिलाफ बयान देकर लेना पड़ा थता यूटर्न
डोटासरा ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर एक बार हनुमान बेनीवाल के खिलाफ बयान देने के बाद किरोड़ी लाल मीना को कुछ ही घंटों में अपना रुख बदलना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता हर किसी पर आरोप लगाते हैं, उन्हें अपने खिलाफ उठ रहे सवालों का भी जवाब देना चाहिए।

गौरतलब है कि एक दिन पहले किरोड़ी लाल मीना ने मुख्यमंत्री से डोटासरा के बेटे और बहू के ओबीसी प्रमाण पत्रों को कथित रूप से गलत बताते हुए उनकी नियुक्तियों की जांच कराने, आरएएस पद से हटाने और मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। इसी के जवाब में डोटासरा ने आज मंच से खुलकर पलटवार किया और मंत्री पर तीखे राजनीतिक हमले किए।
कार्यक्रम के दौरान डोटासरा के तेवर बेहद आक्रामक रहे और उन्होंने साफ संकेत दिए कि कांग्रेस अब किरोड़ी लाल मीना के आरोपों का जवाब उसी अंदाज में देने की रणनीति अपनाएगी।












































