मुख्यमंत्री ने ली वन विभाग की बैठक

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से समृद्ध बन रहा प्रदेश का वन-धन

इस वर्ष भी प्रदेशभर में लगाए जाएंगे 10 करोड़ पौधे

मेवाड़-वागड़ की धरा पर विकसित होंगे चंदन वन

उदयपुर, सिरोही और बांसवाड़ा में स्थान का चयन, 30 हजार से अधिक चंदन के पौधों का होगा रोपण

मुख्यमंत्री ने चंदन वनों की सुरक्षा एवं सिंचाई के लिए समुचित व्यवस्था के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा- पौधारोपण अभियान को बनाएं जन आंदोलन, मानसून से पूर्व सुनिश्चित हों सभी तैयारियां

जयपुर । राज्य सरकार द्वारा बांसवाड़ा के झांतलिया, उदयपुर के बांकी एवं सिरोही के जनापुर में चंदन वन विकसित किए जाएंगे। इन प्रत्येक चंदन वन में 10 हजार से अधिक चंदन के पौधे रोपित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में इन चंदन वनों के लिए गुणवत्तापूर्ण पौधों का चयन करने तथा इनकी सुरक्षा के लिए चयनित स्थानों पर फेंसिंग के कार्य एवं सिंचाई के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बांसवाड़ा, उदयपुर एवं सिरोही में चंदन वनों की स्थापना से राजस्थान की वन-धन संपदा और अधिक समृद्ध होगी। साथ ही, भविष्य में अन्य जिलों में भी चंदन वन विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को चंदन वन पौधारोपण कार्य में मानसून से पूर्व गड्ढ़े खुदाई, फेंसिंग कार्य सहित अन्य सभी तैयारियां निर्धारित समय पर पूरी करने के लिए निर्देशित किया।

किसानों को फलदार पौधे उपलब्ध करवाएगी राज्य सरकार
शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार किसानों को फलदार पौधे उपलब्ध करवाएगी। ऐसे में वन विभाग फलदार पौधों के वितरण की भी योजना बनाए। उन्होंने पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों में ड्रोन सीडिंग एवं अरावली क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण के भी निर्देश दिए।

आमजन को करें जागरूक, अभियान में हो अधिकाधिक जन भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार ने वर्ष 2024 में 7 करोड़ से अधिक एवं वर्ष 2025 में 11 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं। इसी कड़ी में इस वर्ष के लिए निर्धारित 10 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य को अभियान के रूप में लें और सभी विभागों एवं जिलों के लिए पौधारोपण के लक्ष्य निर्धारित करते हुए समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को जोड़ते हुए इस अभियान को लेकर आमजन को भी जागरूक करें, ताकि इस अभियान में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में जुड़े।

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