लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
– उत्तरप्रदेश में एक आदमी को घर बदलने के बाद भी बार-बार काट रहा सांप, सांप के बदला लेने की अफवाह को मिली हवा, विज्ञान मानता है इसे गलत
नीरज मेहरा । जयपुर
अक्सर आपने और हम सबने इस बात को सुना भी है और कई फिल्मों और कई किस्से कहानियों में हमारे बुजुर्गों से भी यह बात सुनी होगी कि अगर काले सांप को कोई मार दे तो उसकी नागिन इसका बदला जरूर लेती है और यहां तक कहा गया है कि मरने वाले सांप की आंखों में मारने वाले की तस्वीरें कैद हो जाती है। इसके बाद फिर नागिन उन तस्वीरों को देखकर चुन चुन कर बदला लेती है क्या है हकीकत है या यह सिर्फ एक मिथक है। पेश है एक रिपोर्ट…
वो अपने फिल्म नागिन जरूर देखी होगी या नागिन पर आधारित कोई फिल्म अपने जीवन काल में जरूर देखी होगी। अधिकांश फिल्मों में फिल्म बनाने वालों ने ऐसी कहानी बना दी कि आज भी लोगों को यह लगता है कि यदि आपने गलती से भी सांप को मार दिया तो आपकी तस्वीर उसकी आंखों में आ कैद हो जाती है और जब उसकी नागिन देखती है तो वह तस्वीर नागिन की आंखों में उतर जाती है और नागिन सांप की हत्या का बदला जरूर लेती है भले ही आप कहीं भी जाओ ऐसी कहानी लोग चटकारे लेकर सुनते हैं और फिल्मों में भी बड़ा उसको रोमांचक तरीके से दिखाया जाता है तो वह आदमी के जीवन में कई बार असर भी करती है। आदमी डरता भी है कई बार असल जिंदगी में भी ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती है कि फलाने गांव में एक व्यक्ति ने अपने घर में आए सांप को मार दिया और उसका बदला लेने के लिए उसे दूसरे सांप ने उसको डस लिया, उसकी मौत हो गयी। हाल ही में यह मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से भी सामने आया, जहां एक व्यक्ति को सांप ने कई बार काट लिया। बताया जा रहा कि वह डरकर दूसरी जगह रहने लगा, लेकिन फिर सांप ने काट लिया। ऐसे मामलों को देखकर या सुनकर लोगों के मन में डर बैठता है क्या सच में सांप किसी इंसान से दुश्मनी रख सकता है और बदला ले सकता है, लेकिन विज्ञान इस बात को पूरी तरह से गलत मानता है। अफवाह समझता है और सिर्फ लोगों में क्योंकि सांप को मारना भी कानून की नजर में अपराध की श्रेणी में आता है। वह भ्रम पैदा करने का जरिया मात्र है, लेकिन सांप किसी से बदला ले ऐसी संभावनाएं बहुत कम है।
सांप का दिमाग इतना विकसित नहीं होता है कि वह किसी भी इंसान को पहचान कर उसे याद कर ले
वैज्ञानिकों का मानना है कि सांप का दिमाग इतना विकसित नहीं होता है कि वह किसी भी इंसान को पहचान कर उसे याद कर ले। सांप के पास इतनी याददाश्त ही नहीं होती है कि वह किसी से बदला लेने की योजना बना सके। जो लोग सांपों की स्टडी करते हैं, उनका भी यही कहना है कि सांप बदला लेते हैं यह सिर्फ एक मिथक है अफवाह मात्र है। इसमें कोई दम नहीं है एक और आम धारणा यह है कि अगर सांप मर जाता है तो उसकी नागिन उसे ढूंढते हुए वहां पहुंच जाती है। लोग इसे बदले से जोड़कर देखते हैं, लेकिन उसके पीछे भी एक वैज्ञानिक कारण है जब कोई सांप मरता है तो उसके शरीर से कुछ खास तरह की केमिकल्स फेरोमोन निकलते हैं। यह जब हवा में और जमीन पर फैल जाते हैं अगर कोई दूसरा सांप वहां से गुजरता है तो वह इन रसायनों की वजह से वहां आ सकता है और लोगों को लगता है कि नागिन बदला लेने के लिए आई है। जबकि असल में ऐसा नहीं होता है अब सवाल इसलिए आता है कि एक व्यक्ति को सांप बार-बार क्यों काट लेता है। इसका जवाब भी विज्ञान नहीं छुपा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह सिर्फ एक संयोग हो सकता है। कई बार अलग-अलग सांप भी एक व्यक्ति को काट सकते हैं और लोगों को ऐसा लगता है कि एक ही सांप बार-बार बदला लेने के लिए काट रहा है। कुछ लोग कहते हैं कि घर बदलने पर भी सांप काट लेता है।
आमतौर पर सांप इंसान पर हमला ही नहीं करते बल्कि वह अपनी सुरक्षा के लिए काटते हैं
एक्सपर्ट तो यहां तक कहते हैं कि आमतौर पर सांप इंसान पर हमला ही नहीं करते बल्कि वह अपनी सुरक्षा के लिए काटते हैं। जब उन्हें खतरा महसूस होता है या कोई उन्हें छेड़ता है तभी वह हमला करते हैं। कुछ विशेषज्ञों का तो यह भी मानना कि सांप बदल लेते हैं। जैसी कहानी पहले के समय में लोगों को डराने के लिए बनाई गई थी, ताकि वह बिना वजह से इन सांपों को नहीं मारे। इन कहानियों का मकसद लोगों को सांपों से दूर रखना और उन्हें नुकसान नहीं पहुंचने के लिए बनाई गई थी। जिससे लोगों में सांपों के प्रति डर भी रहे। धर्म से भी इसलिए जोड़ा गया कि लोगों में आस्था के चलते सांपों को नुकसान नहीं पहुंचा जाए। इसलिए उन्हें धर्म से भी जोड़ा गया सांप किसी से बदला नहीं देते यह सिर्फ फिल्मों और कहानियों में दिखाया गया है और यह एक धर्म है सिर्फ छलावा है असल में सांप केवल अपनी रक्षा के लिए काटते हैं और किसी इंसान को पहचान कर दुश्मनी रखने की उनकी क्षमता नहीं है। इसलिए ऐसे मामलों को अंधविश्वास की नजर से नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझना चाहिए। जिससे कि लोग अफवाहों से बच सके।










































