CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हंगामा, राहुल गांधी हिरासत में

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

INDIA ब्लॉक के करीब 140 सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च; पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका, राहुल बैरिकेड पर चढ़े, प्रियंका गांधी समेत कई नेता भी हिरासत में

नई दिल्ली।  नीरज मेहरा वरिष्ठ संवाददाता। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर दिल्ली में मंगलवार को विपक्ष का प्रदर्शन उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब INDIA ब्लॉक के सांसदों को चुनाव आयोग के मुख्यालय तक जाने से पुलिस ने रोक दिया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

विपक्षी सांसद संसद परिसर से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। प्रदर्शनकारी जब आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बनी। राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लेकर विरोध जताया। इसके बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

राहुल गांधी बोले—’ज्ञानेश, अब इस्तीफा देने का समय’

प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा—“Gyanesh, it’s done bro. Time to resign.” विपक्षी सांसदों ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए।

राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी नेता भी मार्च में शामिल हुए। रिपोर्टों के मुताबिक INDIA ब्लॉक के करीब 140 सांसद इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

संसद से चुनाव आयोग तक मार्च, NITI आयोग के पास रोका

विपक्षी सांसदों का मार्च संसद भवन परिसर से शुरू हुआ। उनका लक्ष्य चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग रखना था। पुलिस ने उन्हें NITI आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शनकारियों ने ‘Save Democracy’ जैसे संदेशों वाले पोस्टर और बैनर भी प्रदर्शित किए। कुछ सांसदों के हाथों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आपत्तिजनक राजनीतिक चित्रण वाले कटआउट भी दिखाई दिए।

क्यों नाराज है विपक्ष?

विपक्ष का मुख्य आरोप मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए और प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा।

विपक्ष ने इसके साथ ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया को रोकने और कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की भी मांग उठाई है।

हालांकि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। SIR को लेकर उठे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया है, जो पुनरीक्षण के दौरान सूची से बाहर रह गए।

दिल्ली में भारी पुलिस बल तैनात

प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। संसद, चुनाव आयोग और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए। दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई थी। पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस ने नई दिल्ली क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू किए हैं।

पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति जुलूस और प्रदर्शन को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इससे पहले 3 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन के दौरान करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें राजनीतिक नेता, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। बाद में कई लोगों को छोड़ दिया गया था।

राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

मंगलवार के मार्च के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा कई विपक्षी नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। रिपोर्टों में अभिषेक बनर्जी, अखिलेश यादव समेत कई INDIA ब्लॉक नेताओं के पुलिस कार्रवाई की जद में आने की जानकारी है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद भी विपक्षी सांसदों ने सड़क पर धरना जारी रखा और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

SIR और Form-6 को लेकर भी विवाद

विरोध का एक प्रमुख मुद्दा मतदाता पंजीकरण से जुड़े Form-6 में किए गए बदलाव भी हैं। राहुल गांधी ने हाल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इन बदलावों को लेकर आपत्ति जताई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद भी राजनीतिक बहस के केंद्र में है।

इस पूरे विवाद ने चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और राजनीतिक दलों के बीच चुनावी संस्थाओं को लेकर विश्वास के सवाल को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है।

विपक्ष बनाम चुनाव आयोग—टकराव बढ़ा

दिल्ली में मंगलवार का प्रदर्शन विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते टकराव का ताजा घटनाक्रम है। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग से जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं आयोग और सरकार आरोपों को खारिज करते हुए चुनावी प्रक्रिया को कानूनी और निर्धारित नियमों के अनुरूप बता रहे हैं।

अब निगाह इस बात पर है कि राहुल गांधी और अन्य नेताओं की हिरासत के बाद विपक्ष अपने आंदोलन को किस दिशा में ले जाता है और चुनाव आयोग SIR तथा मतदाता सूची को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर आगे क्या स्पष्टीकरण देता है।

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