Home latest विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम करवाना कानूनी अपराध: पेनल अधिवक्ता तलत हुसैन

मकराना | प्रदीप कुमार डागा

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर गुरुवार को मकराना न्यायालय परिसर के बाहर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीडवाना के सचिव तथा ताल्लुका विधिक सेवा समिति मकराना की अध्यक्ष आशा चौधरी के निर्देशानुसार किया गया।

शिविर में मुख्य वक्ता पेनल अधिवक्ता तलत हुसैन हनीफी ने आमजन को बाल श्रम उन्मूलन, बाल अधिकारों और संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस प्रतिवर्ष 12 जून को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बाल श्रम को समाप्त करना, बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है तथा उन्हें शिक्षा से वंचित कर देता है।

बाल श्रम कानून की दी जानकारी

पेनल अधिवक्ता हनीफी ने शिविर में बाल श्रम (निषेध एवं नियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यह भारत में बाल श्रम के खिलाफ प्रमुख कानून है, जो 23 दिसंबर 1986 से लागू है।

उन्होंने बताया कि अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के कार्य में नियोजित करना या उनसे श्रम करवाना कानूनन अपराध है। यदि कोई व्यक्ति अपने कारखाने, कंपनी, खदान, होटल, रेस्टोरेंट या अन्य संस्थान में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे से कार्य करवाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों अथवा 14 से 18 वर्ष के किशोरों को खतरनाक व्यवसायों में नियोजित करने पर दोषी व्यक्ति को 1 से 6 माह तक का कारावास तथा 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

लोक अदालत और मध्यस्थता से करें विवादों का समाधान

शिविर के दौरान अधिवक्ता हनीफी ने लोगों से न्यायालयों में लंबित मामलों का निस्तारण मध्यस्थता और लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो पाता है।

कार्यक्रम में पेनल अधिवक्ता मो. इमरान सिसोदिया, कोर्ट कर्मचारी गुमानाराम, अधिवक्ता खलील अहमद सिसोदिया, मो. इमरान गैसावत, कपिल बिरडा और मो. शब्बीर भाटी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

इसके अलावा आमजन में सलीम उर्फ सल्लू, अब्दुल कलाम, जाकिर हुसैन, ईश्वर चन्द्र, रणजीत, रामदेव, इकबाल सहित कई गणमान्य नागरिकों ने शिविर में भाग लेकर बाल श्रम उन्मूलन और कानूनी जागरूकता संबंधी जानकारी प्राप्त की।

“14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम करवाना कानूनी अपराध है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह बाल श्रम रोकने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करे।”
तलत हुसैन हनीफी, पेनल अधिवक्ता

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version