लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
₹243 करोड़ के सीवरेज प्रोजेक्ट पर सवाल
रिपोर्ट: तुषार पुरोहित, सिरोही
सिरोही। आबूरोड में चल रहे करीब 243 करोड़ रुपये के सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पहली बारिश के बाद गांधीनगर क्षेत्र में सड़क धंसने और 35 विद्यार्थियों से भरी निजी स्कूल बस के दलदल में फंसने की घटना के बाद पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य सरकार और निर्माण एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं।
पूर्व विधायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सीवरेज प्रोजेक्ट विकास के बजाय अब घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की पहचान बनता जा रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
“पहली बारिश में खुली निर्माण गुणवत्ता की पोल”
संयम लोढ़ा ने कहा कि आबूरोड-गांधीनगर मुख्य मार्ग पर रेलवे कॉलोनी और गणेश कॉलोनी तिराहे के पास सड़क धंसने से एक निजी स्कूल बस हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बची। उन्होंने कहा कि यह राहत की बात रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन घटना ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीवरेज कार्य के नाम पर लंबे समय तक सड़कें खोदी गईं, लेकिन बारिश शुरू होते ही निर्माण की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत वाला प्रोजेक्ट आमजन की परेशानी का कारण बन गया है।
आरयूआईडीपी और निर्माण एजेंसी पर जवाबदेही तय करने की मांग
पूर्व विधायक ने मांग की कि सीवरेज प्रोजेक्ट से जुड़ी एजेंसियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि बारिश के मौसम में सुरक्षा इंतजाम, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पूरी तरह उपलब्ध हो।
दलदल में फंसी स्कूल बस, स्थानीय लोगों ने बचाए बच्चे
मंगलवार को हुई तेज बारिश के दौरान गांधीनगर मुख्य पोस्ट ऑफिस चौराहे के पास सड़क पर बने दलदल में 35 विद्यार्थियों से भरी निजी स्कूल बस फंस गई। बस चालक की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बाद में दूसरी बस की व्यवस्था कर विद्यार्थियों को स्कूल भेजा गया। घटना के बाद मौके पर जाम की स्थिति बन गई और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एलएंडटी के कामकाज पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने सीवरेज कार्य कर रही एलएंडटी कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि बारिश से पहले सड़कों की सुरक्षा, उचित बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
नागरिकों का कहना है कि अधूरे कार्य और खराब सड़क स्थिति के कारण शहरवासियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर, कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व पालिका उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह और नेता प्रतिपक्ष भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवरेज कार्य के दौरान पहले भी हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार एजेंसियों ने व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया।
उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई तथा सीवरेज कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा कराने की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी
सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर शहरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कों की मरम्मत और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या सीवरेज प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।