लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उनियारा(दुर्योधन मयंक)। क्षेत्र के श्री दिगम्बर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में जैन धर्म के 19वें तीर्थंकर मल्लिनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया।
प्रबंध समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा एवं गजानंद बड़जात्या ने बताया कि भगवान मल्लिनाथ का जन्म मिथिलापुरी में इक्ष्वाकु वंश के राजा कुम्भ और रानी प्रभावती के यहां मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को हुआ था। उनका चिन्ह कलश माना जाता है और उन्होंने सम्मेद शिखर से मोक्ष प्राप्त किया।
️ धार्मिक विधि-विधानों के साथ आयोजन
महोत्सव की शुरुआत शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में:
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मंगलाष्टक के साथ
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नित्य अभिषेक एवं शांतिधारा
से हुई।
वार्षिक शांतिधारा का सौभाग्य:
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रमेशचंद व रौनक सर्राफ (जयपुर)
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नवीन कुमार (इंदौर/गाजियाबाद)
को प्राप्त हुआ।
पूजा-अर्चना और दीपार्चना
इसके बाद श्रद्धालुओं ने:
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देव-शास्त्र-गुरु पूजा
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चौबीस तीर्थंकरों की वंदना
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मूलनायक भगवान एवं मल्लिनाथ भगवान की विशेष पूजा
करते हुए महोत्सव को भक्तिभाव से मनाया।
सांयकाल 6 बजे श्रेष्ठी परिवारों एवं भक्तामर मंडल द्वारा भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना, जहां भक्तों ने भगवान मल्लिनाथ के आदर्शों को आत्मसात कर जीवन में धर्म और संयम अपनाने का संकल्प लिया।


















































