लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर/किशनगढ़ (नितिन मेहरा) – आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के उद्देश्य से अजमेर जिले में विशेष अभियान ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ के तहत व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर डॉ. टी. शुभमंगला और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर डॉ. ज्योत्सना रंगा के निर्देशानुसार जिले में FoSTaC (Food Safety Training and Certification) प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
1200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
इस अभियान के तहत:
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किशनगढ़ में 560 प्रतिभागी
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अजमेर में 650 प्रतिभागी
ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इसमें व्यापारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिड-डे मील कर्मी, राजीविका और अन्नपूर्णा रसोई से जुड़े फूड हैंडलर्स ने भाग लिया।
प्रशिक्षण इंद्रप्रस्थ एजेंसी की ट्रेनर रजनी द्वारा दिया गया, जिसमें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों की विस्तार से जानकारी दी गई।
‘साइलेंट किलर’ से सावधान रहने की सलाह
ट्रेनिंग के दौरान विशेषज्ञों ने फास्ट फूड से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करते हुए पौष्टिक आहार अपनाने पर जोर दिया।
मुख्य सुझाव:
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तेल का सही उपयोग: बार-बार गर्म किया गया तेल ‘ट्रांसफैट’ बढ़ाता है, जो हृदय रोगों का कारण बन सकता है।
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नमक और चीनी कम करें: मधुमेह और उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए सीमित मात्रा में उपयोग करें।
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फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ अपनाएं: दूध, चावल और तेल जैसे फोर्टिफाइड उत्पादों का सेवन बढ़ाएं।

घर पर शुद्धता जांचने के आसान तरीके
प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान एक विशेष बुकलेट भी वितरित की गई, जिसमें घर पर ही खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांचने के आसान प्राथमिक टेस्ट बताए गए हैं।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय मोयल, राजेश कुमार त्रिपाठी, आनंद चौधरी और राजेंद्र शर्मा सहित विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
यह अभियान जिले में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सुरक्षित एवं शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















































