लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
अपनी ही बदहाली पर आसूं बहा रहा,, 1962 में हुआ था निर्माण,, सरपंच इस्माइल खान पर लगाए ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार के आरोप,
झालावाड़ राजकुमार शर्मा
झालावाड़। जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गोडिया,, का विद्यालय सन् 1962 में हुआ था निर्माण, आज ग्रामीणों ने पीपलोदी विद्यालय हादसों में 7 बच्चों की मौत के बाद राजस्थान में हां-हां कार मचा हुआ है हादसे को लेकर जर्जर भवन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया,, मुख्य मार्ग से लेकर विद्यालय तक किचड़ ही कीचड़, मासूम बच्चों के लिए बनी मुसीबत आपको बता दें कि अकलेरा -मनोहरथाना सड़क मार्ग पर स्थित
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गोडिया,, के ग्रामीणों ने बताया कि सन् 1962 से लेकर अब तक कहीं सरकारें आईं और चली गई, पांच साल में तो सत्ता ही बदल जाती है।
परंतु झालावाड़ जिले के 1962 में बनें स्कूल राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गोडिया की हालत जस-की-तस है कोई सुद लेने वाला नहीं है। इस को लेकर 63 साल पुराने स्कूल की क्या हालत होगी आप सोच भी नहीं सकते, आएं ग्रामीणों ने क्या कहा उन्होंने की जुबानी सुनिए। सद्दाम खान बताते हैं कि मेरे पापा भी इस विद्यालय में पड़े और मैं भी इसी विद्यालय में पड़ा , आप अंदाजा लगा सकते हैं की विद्यालय में किस कदर लीपा पोती की सरपंच इस्माइल खान ने एक लाख रुपए का बजट उठाकर विद्यालय के फ्रंट पर आगे आगे प्लास्टर करवा कर चमक दिया।
जबकि विद्यालय की छत एवं पीछे की दीवारें जर्जर हालत में है तस्वीरों से पता लग जाएगा कि विद्यालय की क्या स्थिति है, सरपंच इस्माइल खान को जरा सी भी रहम नहीं आई इन बच्चों पर इन बच्चों का क्या होगा, विद्यालय में रिपेयरिंग के नाम पर एक लाख का बजट उठाने के आप ग्रामीणों ने लगाई। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गोडिया में कक्षा 8 तक के स्कूल मात्र तीन कमरों में चलता है जो भी जर्जर हालत में है।
विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए बाथरूम हैंडपंप मूलभूत सुविधाओं से वंचित है विद्यालय के आसपास सरपंच के करीबियों ने अतिक्रमण कर रखा है । वैसे तो ग्राम पंचायत के करीब करीब सभी लोग भ्रष्टाचार के जमकर आरोप लगाते हैं ग्राम पंचायत मुख्यालय सहित स्वास्थ्य केंद्र ऐसे कहीं तमाम जगहों पर सरपंच के रिश्तेदार एवं करीबियों के कब्जे हैं।















































