लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजस्थान–मध्यप्रदेश को मिलेगा स्थायी संपर्क
गंगधार (झालावाड़)। गंगधार उपखंड क्षेत्र में राजस्थान और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित चम्बल नदी पुल निर्माण कार्य का रविवार को भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन हरदीप सिंह डंक (मध्यप्रदेश) ने किया।
करीब सात वर्षों के इंतजार के बाद क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। अब यह पुल 40 करोड़ 83 लाख 80 हजार रुपये की लागत से मध्यप्रदेश सेतु निर्माण विभाग द्वारा बनाया जाएगा। पूर्व में इसे सबमर्सिबल पुल के रूप में स्वीकृति मिली थी, लेकिन अब इसे हाई लेवल पुल के रूप में बनाया जाएगा।
प्रस्तावित पुल की लंबाई 330 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर होगी। इसमें 24 मीटर ऊंचाई के 9 पिलर बनाए जाएंगे। यह मार्ग राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय संपर्क मार्ग है।
समारोह में मध्यप्रदेश सेतु निर्माण विभाग मंदसौर के एसडीओ प्रवीण नरवरे, कल्याण टोल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड इंदौर के ठेकेदार अमित जैन, चौमहला भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक गायरी, जिला मंत्री गौतम जैन, व्यापार महासंघ संयोजक दिलीप जैन तथा सीतामऊ भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक हरदीप सिंह डंक ने कहा कि इस पुल का इंतजार मध्यप्रदेश के साथ-साथ राजस्थान के लोगों को भी लंबे समय से था। तकनीकी कारणों से स्वीकृति में देरी हुई, लेकिन अब सभी अड़चनें दूर हो गई हैं। उन्होंने मंच से ठेकेदार को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
एसडीओ प्रवीण नरवरे ने बताया कि 27 जून 2024 को पुल के टेंडर जारी हुए थे, लेकिन उस समय यह सबमर्सिबल पुल के रूप में स्वीकृत था। चूंकि यह एक महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय सड़क मार्ग है, इसलिए सबमर्सिबल पुल उपयुक्त नहीं था। बाद में हाई लेवल पुल का नया डिजाइन तैयार कर स्वीकृति ली गई। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।


















































