लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राजसमंद। (गौतम शर्मा) राजसमंद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में गणगौर महोत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। रावो का खेड़ा, फियावड़ी और अमर तलाई गांवों में बंजारा समाज द्वारा ईशर-गणगौर की भव्य सवारी निकाली गई।
शनिवार देर शाम बंजारा समाज के युवक-युवतियों ने डीजे पर धार्मिक भजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सवारी निकाली। वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार समाज के लोग मेला परिसर में एकत्रित हुए और मिट्टी से बने ईशर-गणगौर के जोड़ों को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाया।
रावो का खेड़ा निवासी कर्मा बंजारा और वकील बंजारा ने बताया कि करीब 100 घरों की आबादी वाले गांव में इस आयोजन को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। युवतियों ने सजी-धजी प्रतिमाओं को सिर पर धारण कर सवारी की शुरुआत की।
सवारी मेला ग्राउंड से निकलते ही पीपल की टहनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ईशर-गणगौर की प्रतिमाओं को विवाह परंपरा के अनुसार गीत गाते हुए पीपल के चारों ओर फेरे दिलाए गए। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक विवाह गीत गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
सवारी गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः गांव पहुंची, जहां विधिपूर्वक पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं का जल में विसर्जन किया गया। इस अवसर पर समाज के घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान भी बनाए गए।
कार्यक्रम में वकील बंजारा, लोकेश, राहुल, मदनलाल, जगदीश बंजारा, मुकेश सहित बड़ी संख्या में युवक-युवतियां एवं समाज के लोग उपस्थित रहे।













































