बड़लिया में संत-महंतों के सानिध्य में गोविंद गोपाल गोशाला का उद्घाटन

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

राजसमंद (गौतम शर्मा)। राजसमंद जिले के बड़लिया गांव में बुधवार को संत-महंतों के सानिध्य में गोविंद गोपाल गोशाला का भव्य शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

वनाई आश्रम के महंत बालयोगी चेतननाथ महाराज, दरीबा की साध्वी महंत लक्ष्मीबाई महाराज सहित अन्य संत-महंतों की उपस्थिति में गौमाता के जयकारों के साथ गोशाला का उद्घाटन किया गया। इस दौरान संतों ने गौमाता की पूजा-अर्चना कर तिलक व माला पहनाई तथा गुड़, धनिया और दलिया अर्पित कर गोशाला का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों महिलाओं ने गौमाता के मंगल गीत गाए, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक और भक्तिमय हो उठा। गोशाला परिसर में विद्वान पंडित कैलाश महाराज के सानिध्य में हवन अनुष्ठान भी आयोजित किया गया, जिसमें गोभक्तों एवं ग्रामीणों ने आहुतियां दीं।

60 बीघा क्षेत्र में संचालित होगी गोशाला

आयोजकों के अनुसार बड़लिया में करीब 60 बीघा क्षेत्रफल में विकसित इस गोशाला का उद्देश्य लगभग 50 निराश्रित गौमाताओं की सेवा करना है। महंत बालयोगी चेतननाथ महाराज ने कहा कि गौसेवा सबसे बड़ी सेवा है और गौमाता में 36 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना गया है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को तन-मन से गौसेवा करनी चाहिए।

भामाशाहों ने किया सहयोग

गोशाला निर्माण एवं संचालन के लिए क्षेत्र के भामाशाहों ने भी बढ़-चढ़कर योगदान दिया। भगवानलाल कुमावत ने एक ट्रैक्टर व ₹1,11,501, कैलाश चंद्र कुमावत ने ₹2,51,000, कन्हैयालाल कुमावत ने ₹1,25,111, नानालाल कुमावत ने ₹1,01,000 तथा सिरोठा परिवार ने ₹1,51,000 की सहयोग राशि प्रदान की। अन्य भामाशाहों ने भी अपनी श्रद्धानुसार सहयोग दिया।

भजन संध्या और महाप्रसाद

कार्यक्रम से पूर्व मंगलवार रात्रि को “एक शाम गौमाता के नाम” भव्य भक्ति संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें मेवाड़ी गायिका त्रिशा सुथार एवं नरेश राव एंड पार्टी ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के समापन पर महाआरती के बाद महाप्रसाद वितरण किया गया।

संचालन व्यवस्था

गोशाला संचालन की जिम्मेदारी कैलाश चंद्र कुमावत, नाथूलाल, रमेश चंद्र, शंकरलाल, बद्रीलाल, रतनलाल एवं पोखरलाल को सौंपी गई है। भजन संध्या का संचालन डालचंद कुमावत ने किया।

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