लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
दो माह से जलभराव से जनजीवन प्रभावित, तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो नगर परिषद घेराव की चेतावनी
कोटपूतली।
कोटपूतली कस्बे के बानसूर रोड स्थित गंगा कॉलोनी, राम विहार, दयावती विहार और गौशाला रोड क्षेत्र के हजारों परिवार पिछले करीब दो माह से सीवरेज निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के कारण जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। मुख्य नाले को क्षतिग्रस्त कर उसमें सीवर लाइन डालने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे कॉलोनियों की गलियों और सड़कों पर गंदा पानी जमा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
नगर परिषद के निवर्तमान उपसभापति अशोक शरण ने आरोप लगाया कि सीवरेज परियोजना के तहत कार्य कर रही निर्माण एजेंसी मैसर्स टैक्नोक्राफ्ट कंस्ट्रक्शन कम्पनी प्रा. लि. ने गौशाला के समीप मुख्य नाले को तोड़कर उसमें सीवर पाइप डाल दिया, जिससे नाले का प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध हो गया। इसके चलते गंगा कॉलोनी, राम विहार, दयावती विहार, गौशाला रोड सहित आसपास की कई कॉलोनियों की नालियां जाम हो गईं और पूरे क्षेत्र में लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो माह से सड़कों और गलियों में गंदा पानी भरा रहने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। वहीं गंदे पानी से उठ रही दुर्गंध और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
अशोक शरण ने बताया कि इस गंभीर समस्या से नगर परिषद आयुक्त अरुण कुमार शर्मा, सचिव अभिषेक सैनी, जेईएन कृष्ण गुर्जर तथा निर्माण कम्पनी के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब शिकायत करने पर संबंधित अधिकारी फोन तक उठाना उचित नहीं समझ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए सम्पर्क पोर्टल पर भी कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन हर बार शिकायत का निस्तारण दिखा दिया गया, जबकि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे क्षेत्रवासियों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है।
अशोक शरण ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो प्रभावित कॉलोनियों के हजारों निवासी नगर परिषद कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मुख्य नाले की तत्काल मरम्मत, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, नियमित सफाई अभियान, फॉगिंग तथा सीवरेज निर्माण कार्य में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।


















































