लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
हर रविवार महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को दिलाई जाती है नशा मुक्ति की शपथ
स्थान: भीलवाड़ा
रिपोर्ट: पंकज पोरवाल, भीलवाड़ा
भीलवाड़ा। शहर के पंचमुखी मुक्तिधाम स्थित श्री मसानिया भैरवनाथ मंदिर में अमावस्या के पावन अवसर पर आधी रात को शमशान भद्रकाली माता रानी का विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बना।
विशेष अभिषेक और प्रसाद वितरण
मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष रवि कुमार सोलंकी ने बताया कि इस अवसर पर मां भद्रकाली का विशेष विधि-विधान से अभिषेक किया गया। कोलकाता के प्रसिद्ध कालीघाट शक्तिपीठ से लाए गए सिंदूर को मां को अर्पित किया गया, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। इस विशेष प्रसाद को प्राप्त करने के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया।
हवन और मंत्रोच्चार से भक्तिमय वातावरण
देर रात तक चले धार्मिक अनुष्ठान में हवन का आयोजन भी किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया और विश्व शांति, सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामनाओं के साथ आहुतियां अर्पित कीं। हवन की पवित्र अग्नि और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मंदिर के पुजारी संतोष कुमार खटीक ने सभी धार्मिक अनुष्ठानों को विधिविधानपूर्वक संपन्न कराया।
नशा मुक्ति की शपथ
मंदिर परिसर में हर रविवार शाम की महाआरती के बाद विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसमें आने वाले श्रद्धालुओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाती है। इस पहल का उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करना है।
निष्कर्ष
मसानिया भैरवनाथ मंदिर में हुआ यह विशेष आयोजन न केवल भक्तों के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि समाज में नशा मुक्ति और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश भी देता है।












































