
रतलाम जिले की सबसे बुजुर्ग सरपंच पिश्ता बाई चतर के बड़े बेटे 65 वर्षीय भंवरलाल जैन को एक बीजेपी नेता ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि मुसलमान होने के शक में आरोपी ने बेरहमी से पीटा। जिससे बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। भंवर जैन परिवार के साथ 15 मई को चित्तौड़गढ़ गया था, 16 मई को पूजा पाठ के बाद लापता हो गए ,गुरुवार को उनका शव मिला।
बीजेपी नेता ,पार्षदपति ने मारा
बीजेपी नेता सुरेश कुशवाहा ने बुजुर्ग से मारपीट का वीडियो बनाकर खुद ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया। वीडियो बनाते समय वह भंवरलाल पीटते पीटते आधार कार्ड दिखाने की मांग कर रहा है । सुरेश ने भँवर जैन से नाम पूछा तो मानसिक रूप से कमजोर भंवरलाल के मुंह से मोहम्मद निकल गया । बताया जा रहा है कि मोहम्मद नाम सुनते ही आरोपी दिनेश बुजुर्ग पर टूट पड़ा और उस पर लात घूंसे बरसाए ।पुलिस ने वीडियो के आधार पर मृतक के परिजनों की सूचना पर हत्या का मुकदमा दर्ज लिया है। लेकिन घटना से सब आहत है।
क्या मुसलमान होना गुनाह है
घटना के बाद लोगों का कहना है क्या इस देश में मुसलमानों का रहना गुनाह है । यदि बुजुर्ग का नाम मोहम्मद सलीम भी होते तो क्या किसी व्यक्ति को उनका आधार कार्ड मांगने की क्या जरूरत थी? यदि उसने अपना नाम मोहम्मद भी बता दिया तो फिर उसे पीट-पीटकर हत्या करने की कहां जरूरत थी ? यदि पार्षद पति को बुजुर्ग व्यक्ति पर किसी तरह सन्देह था तो वो पुलिस को फोन करके बुला सकते थे,उन्हें गिरफ्तार करा सकते थे, लेकिन नहीं सत्ता के घमण्ड में चूर पार्षद ने खुद जी फैसला कर दिया और एक इंसान को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया।














































