लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

-भंडारे की पंगत प्रसादी में जीमें सैकड़ो श्रद्धालु
-रामधन से गूंज रहा गोपाल सागर आश्रम
जयपुर.लोक वाद्य पर सीताराम सीताराम की धुन। झांसी-मंजीरे और हारमोनियम पर रामायण की चौपाइयों की गूंज। सुवासित चंदन की महक और घंटे घड़ियाल का नाद। यह नजारा रहा श्री विधानी परिक्रमा महोत्सव में शनिवार को।
गोनेर रोड स्थित विधानी में श्री गोपाल सागर आश्रम में लगातार 7 अक्टूबर से रामधुनी हो रही है। शाम को भजन संध्या और रात को जागरण कार्यक्रम में कलाकार हाजिरी भर रहे हैं। श्री विधानी परिक्रमा महोत्सव के लिए आश्रम परिसर को भव्य रूप से सजा दिया गया है। यहां हर दिन सैकड़ो श्रद्धालु पंगत प्रसादी ले रहे हैं। महोत्सव के तहत शनिवार को हनुमान जी और वानर सेवा की मनोहारी झांकी सजाई गई।
शाम को भजन संध्या में आकाशवाणी, दूरदर्शन और लोक कलाकार भजन त्रिवेणी प्रवाहित कर रहे हैं। ढूंढाड़ी भाषा में रचित बाबा चेतनदास और भजनानंद महाराज के भजनों की पंक्तियां जनमानस को आध्यात्म में डुबो रही है।
लोक कलाकार जगदीश छीपा ने राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट…. अशोक शर्मा ने म्हारो तीरथ है विधानी, मारो धाम है विधानी… सुनाकर भजन संध्या का समा बांध दिया। कन्हैयालाल शर्मा छांदेल ने सीताराम सीताराम की लोक धुन पर आधारित भजन पेश किया। भजनों से भाव विभोर अनेक श्रद्धालु नृत्य कर भगवान को रिझाते रहे।
इस मौके पर श्री मिथिला बिहार महाराज और अयोध्या से आए लक्ष्मण किलाधीश जी ने आशीर्वचन किया। भजन संध्या के समापन पर सैकड़ो श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की।
आश्रम के लक्ष्मी निधि सरजू बिहारी ने बताया कि सोमवार को जगदीश मंदिर, गोनेर से भव्य शोभायात्रा विधानी के लिए रवाना होगी। शोभायात्रा में ठाकुर जी सहित अनेक सजीव झांकियां भी शामिल होंगी। श्रद्धालु रामधुनी करते हुए साथ चलेंगे। मार्ग में अनेक स्थान पर ग्रामीण और स्थानीय निवासी भगवान की आरती करेंगे।





















































