लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बोले- पीड़ितों को न्याय दिलाना आरएलपी की प्राथमिकता
सांसद की पहल के बाद बनी सहमति, पीड़ित परिवार को 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद और एक सदस्य को संविदा नौकरी देने पर सहमति
नागौर। (प्रदीप कुमार डागा) नागौर जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर दिवंगत सुखराम मेघवाल की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और मेघवाल समाज के लोगों की ओर से दिए जा रहे धरने में गुरुवार को नागौर सांसद एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल पहुंचे।
सांसद ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने दिवंगत सुखराम मेघवाल के पिता से भी मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।
बेनीवाल ने कहा कि एक दलित परिवार ने अपना बेटा खोया है। ऐसे समय में शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
चार दिन से मोर्चरी में शव रखने पर उठाए सवाल
सांसद बेनीवाल ने सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार दिनों से एक दलित युवक का शव मोर्चरी में रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि नागौर जिले से मेघवाल समाज के प्रतिनिधि के रूप में सरकार में मंत्री हैं और निकटवर्ती जिले से इसी समाज के केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन इसके बावजूद पीड़ित परिवार की आवाज उठाने के लिए कोई आगे नहीं आया।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की प्राथमिकता है और पार्टी इस मामले में परिवार के साथ खड़ी है।
जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल
सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
बेनीवाल ने कहा कि नागौर जिला अस्पताल नागौर सहित आसपास के बड़े क्षेत्र की जनता के लिए प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, लेकिन लंबे समय से यहां व्यवस्थागत खामियां, चिकित्सकीय सुविधाओं की कमी, मरीजों और उनके परिजनों को होने वाली परेशानियां तथा प्रशासनिक लापरवाही सामने आती रही हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले गरीब और आम परिवारों को बेहतर एवं सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा मिलना उनका अधिकार है। अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े और किसी भी शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया जाए।
बेनीवाल ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की उच्च स्तर पर समीक्षा होनी चाहिए और जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाना चाहिए।
प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच वार्ता के बाद बनी सहमति
बाद में सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों, पीएमओ सहित अन्य अधिकारियों और पीड़ित परिवार के साथ वार्ता की। वार्ता के दौरान कई मांगों पर सहमति बनी।
सहमति के अनुसार—
- पीड़ित परिवार को कुल 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- इसमें 5 लाख रुपये राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार की ओर से देने की घोषणा की गई।
- परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी।
- अस्पताल भवन का निर्माण करने वाली एजेंसी और संबंधित ठेकेदार के कार्यों की जांच कराई जाएगी।
- पूरे घटनाक्रम की जांच जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी से कराई जाएगी।
- मामले में सामने आने वाली लापरवाही या अनियमितता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सांसद की पहल के बाद प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच बनी सहमति को मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही परिवार को न्याय दिलाने और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चल रहा गतिरोध समाप्त होने की दिशा में रास्ता साफ हुआ है।






















































