लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
भरतपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही, हठधर्मिता और उदासीनता के विरोध में अपने राज्यव्यापी आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। गुरुवार को भरतपुर उपखंड मुख्यालय पर महासंघ के भरतपुर शहर एवं ग्रामीण नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पदाधिकारियों ने विभागीय कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। महासंघ का आरोप है कि अधिकारियों की ‘हठधर्मिता’ के कारण पिछले दो वर्षों से शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे प्रदेशभर के शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।
प्रमुख मांगें
महासंघ ने ज्ञापन में कई प्रमुख मांगों को उठाया, जिनमें शामिल हैं—
- ग्रीष्मकालीन अवकाश सहित सभी अवकाश यथावत रखने तथा शिविरा कैलेंडर में संशोधन
- सभी संवर्गों में लंबित स्थानांतरण और पदोन्नतियों का शीघ्र निस्तारण
- क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति और स्टाफिंग पैटर्न लागू करना
- वेतन विसंगतियों का समाधान
- शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना
- आरजीएचएस सुविधा को सुचारू रूप से जारी रखना
- संविदा शिक्षकों को नियमित करने की मांग

आंदोलन की आगे की रूपरेखा
खंड मंत्री जीत प्रताप और गजेंद्र सिंह ने बताया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
- 14 मई को खंड स्तर पर प्रदर्शन किया गया
- 29 मई को जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा जाएगा
बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल
इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रामनरेश राठौर, जगदीश चौधरी, अनूप पाराशर सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।























































