लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
शिक्षा का उद्देश्य—व्यक्ति में श्रेष्ठ जीवन मूल्य समाहित करना : राज्यपाल बागड़े
जयपुर/कोटा । राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि भारतीयों की प्रतिभा का लोहा विश्व मानता है। आज दी गई पदक और उपाधियों का उपयोग युवा राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वही समाज और राष्ट्र आगे बढ़ता है जहाँ शिक्षा का प्रसार होता है।
राज्यपाल बागड़े शुक्रवार को सिआम ऑडिटोरियम में आयोजित कोटा विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित थे। उन्होंने विभिन्न पदक और उपाधि प्राप्त करने वाले दीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
बागड़े ने कहा कि यह बड़ी संयोग की बात है कि कोटा विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह बसंत पंचमी, विद्या की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस पर आयोजित हो रहा है। बसंत पंचमी जीवन में नवीन ऊर्जा और आनंद का संचार करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व का उत्कर्ष करना है।
राज्यपाल ने बताया कि शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्ति को एक अच्छा मनुष्य बनाना है, जो श्रेष्ठ जीवन मूल्यों से समन्वित हो। नई शिक्षा नीति इसी दृष्टि से तैयार की गई है, जिसमें विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया गया है।
विद्यार्थियों और शिक्षकों को दिए मार्गदर्शन
बागड़े ने विश्वविद्यालयों के आचार्यों से कहा कि वे नित नए ज्ञान से विद्यार्थियों को लाभान्वित करें। विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करें और फीडबैक लेने का मैकेनिज्म तैयार करें। शिक्षक पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्नों का विश्लेषण करें, विद्यार्थियों से सवाल पूछें और उनकी प्रतिक्रिया लें। इससे छात्रों में उत्साह बढ़ता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 130वीं जयंती है, और उनकी स्मृति को मैं नमन करता हूँ।
विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और उद्यमिता की भावना बढ़ाने का आह्वान
दीक्षांत समारोह में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि यहाँ से उपाधि और पदक लेकर जाने वाले विद्यार्थियों का जुड़ाव विश्वविद्यालय से हमेशा बना रहे। विद्यार्थियों में राष्ट्र प्रथम की भावना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल नौकरी करने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें और अपने कौशल से नए स्टार्टअप शुरू करें।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियां और उपाधि वितरण
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने कुलाधिपति के निर्देशानुसार चतुर्थ चरण में पचेल कला और हनोतिया गांव को गोद लिया है, जहाँ के सर्वांगीण विकास के लिए विश्वविद्यालय प्रयासरत है।
इस दीक्षांत समारोह में 80,117 उपाधियों का वितरण किया गया।















































