भाजपा छोड़ते ही मालवीया के ठिकानों पर एसीबी के छापे

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर ,बांसवाड़ा। भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की घोषणा करते ही पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के तीन ठिकानों पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छापेमारी की। जयपुर से एसीबी टीम ने कालिंजर में भैरव  कृपा फिलिंग स्टेशन और बागीदौरा में भैरव जी फिलिंग स्टेशन और एक उनके बेटे की नाम की क्रेशर प्लांट पर दस्तावेजों की जांच की जिससे लगता है कि कहीं ना कहीं भाजपा सरकार एसीबी और ईडी का दुरुपयोग करती है । विपक्ष बार-बार यह आरोप लगाता रहा है लेकिन एसीबी की छापेमारी की कार्यवाही की टाइमिंग ऐसी है, कि जिससे यह जग जाहिर हो गया कि जो नेता या अधिकारी भाजपा  की या भाजपा सरकार के खिलाफत करेगा उसके खिलाफ ईडी की कार्यवाही हो सकती है। 
लोकसभा चुनाव से पहले छोड़ी थी मालवीया ने कांग्रेस पार्टी
लोकसभा चुनाव से पूर्व करीब 23 महीने पहले बागीदौरा से कांग्रेस के तात्कालिक विधायक और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था और भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बांसवाड़ा से लोकसभा का टिकट भी दिया था।  अब दो दिन पहले ही महेंद्रजीत सिंह मालवीया कांग्रेस पार्टी कार्यालय पहुंचते  और प्रदेश प्रभारी सुखजिंद्र सिंह रंधावा प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की इच्छा जाहिर करते हैं और अपने आप को कांग्रेस का सिपाही बताते हैं। इस बात के 48 घंटे बाद ही जब एसीबी की टीम ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की तो विपक्ष को भी यह अवसर मिल गया कि भारतीय जनता पार्टी विरोधियों को डराने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करती है।
दोनों पेट्रोल पंप महेंद्रजीत सिंह मालवीया के नाम  है
एसीबी ने बागीदौरा में क्रेशर प्लांट पर भी जांच के लिए दस्तावेज कंगाले दो पेट्रोल पंप खुद महेंद्रजीत सिंह मालवीया के नाम है बैंक के मैनेजर राम गोविंद से एसीबी की टीम ने जब सवाल जवाब की तब उन्होंने टीम का परिचय पूछा था उन्होंने बताया कि वह एसीबी जयपुर से आए हैं इसके बाद टीम ने पेट्रोल पंप और जमीन से जुड़े कागजात  खगाले। मैनेजर ने बताया कि टीम ने कई सवाल पूछे जैसे जमीन किसकी है ,पंप ठेके पर है या किराए पर, स्टाफ में कौन-कौन है। इसके बाद टीम कालिंजर स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंची और यहां भी मैनेजर राम गोविंद को साथ लेकर गई वहां भी इसी तरह के सवाल पूछे गए और दस्तावेज खगाले गए।
एसीबी की कार्यवाही को दबाव के तौर पर देखा जा रहा है एसीबी की है रूटिंग कार्यवाही मानी जा रही है लेकिन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह महेंद्रजीत सिंह मालवीया के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा पर दबाव बनाने की कार्यवाही है।  इससे पहले कांग्रेस नेता दिनेश खोडनिया के ठिकानों पर भी ईडी ने कार्रवाई की थी।  इसलिए माना जा रहा है कि मालवीय इस कार्रवाई के दर से ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे लेकिन पाला बदलने के बाद लोकसभा का चुनाव हार  गए।  भाजपा में कोई पद नहीं मिला तो फिर से कांग्रेस में जाने की घोषणा कर दी। जिससे उनके ऊपर दबाव बनाने के लिए यह कार्यवाही की जा रही है।
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