लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
ग्रामीणों ने जांच व कार्रवाई की उठाई मांग
समदड़ी (बालोतरा)। समदड़ी कस्बे के अडियारी भाकरी क्षेत्र में कथित अवैध खनन और भारी विस्फोटकों के उपयोग को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटकों का उपयोग कर पहाड़ियों में खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अडियारी भाकरी क्षेत्र में खनन गतिविधियों के दौरान किए जा रहे विस्फोटों से आसपास स्थित 133 केवी विद्युत उपकेंद्र, हाईटेंशन लाइन तथा रेलवे ट्रैक प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। उनका दावा है कि विस्फोट के दौरान पत्थर दूर-दूर तक उछलते हैं, जिससे राहगीरों और आसपास के संस्थानों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है।
भूरिया बाबा मंदिर और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन गतिविधियों के कारण पहाड़ी पर स्थित प्राचीन भूरिया बाबा मंदिर को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है। साथ ही क्षेत्र की प्राकृतिक वनस्पतियां और वन्यजीव प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि एक समय ये पहाड़ियां हरियाली और जैव विविधता से भरपूर थीं, लेकिन लगातार खनन के कारण उनका स्वरूप बदल गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता गणपत राज मेहता ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय प्रशासन, जिला कलेक्टर, खनिज विभाग और राज्य सरकार को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं समाजसेवी टीकम सिंह राजपुरोहित ने कहा कि पहाड़ियां गांव की प्राकृतिक धरोहर हैं और इनका संरक्षण जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन गतिविधियों से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है तथा वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है।
ओरण-गोचर भूमि से रास्ता निकालने का आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि एक स्टोन क्रेशर तक पहुंचने के लिए सोनगरा मामाजी मंदिर की ओरण-गोचर भूमि से रास्ता निकाला गया है। उनका कहना है कि इस भूमि का सीमांकन कर जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो भूमि को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।
प्रशासन से जांच की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित खनन गतिविधियों, विस्फोटकों के उपयोग, लाइसेंस की वैधता तथा ओरण-गोचर भूमि से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही अवैध गतिविधियां पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।















































