लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रोड शो में दिखा चुनावी रंग; हेलमेट को लेकर भी उठे सवाल
जयपुर। चुनाव आते ही नेताओं के अंदाज भी बदल जाते हैं। मतदाताओं को साधने के लिए कोई पैदल गलियों में पहुंचता है तो कोई बाइक और बुलेट पर सवार होकर जनता के बीच नजर आता है। जयपुर में निकाय चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में ऐसा ही चुनावी रंग देखने को मिला, जब उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी विद्याधर नगर इलाके में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में अलग अंदाज में जनसंपर्क करती नजर आईं।
दिया कुमारी ने कभी स्कूटी की सवारी की तो कभी बुलेट पर सवार होकर लोगों के बीच पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने ओपन कार में रोड शो किया। उनके इस अंदाज ने जहां लोगों का ध्यान खींचा, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी खासा उत्साह नजर आया।
स्कूटी से बुलेट तक… जनता के बीच पहुंचीं दिया कुमारी
निकाय चुनाव में एक-एक वोट के लिए राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में विद्याधर नगर में दिया कुमारी का जनसंपर्क अभियान चर्चा में रहा। दोपहिया वाहन पर सवार होकर उन्होंने वार्ड की गलियों और प्रमुख मार्गों का दौरा किया।
कहीं स्कूटी पर सवार दिया कुमारी नजर आईं तो कहीं उन्होंने बुलेट की सवारी कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके इस अंदाज को लेकर सड़क किनारे खड़े लोगों और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
ओपन कार में रोड शो, जगह-जगह पुष्पवर्षा
दोपहिया वाहन से जनसंपर्क के बाद दिया कुमारी ने ओपन कार में रोड शो किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और कई जगह पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया।
दिया कुमारी लगातार लोगों का अभिवादन स्वीकार करती रहीं और क्षेत्रवासियों से संवाद भी किया। रोड शो में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी शामिल हुए।
भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मांगा वोट
चुनावी जनसंपर्क के दौरान दिया कुमारी ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील की। उन्होंने भाजपा को मजबूत करने और भारी बहुमत से विजयी बनाने का आह्वान किया।
दरअसल, निकाय चुनावों में स्थानीय वार्ड स्तर पर मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से जोर लगाया जा रहा है। बड़े नेताओं के रोड शो और जनसंपर्क को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बुलेट की सवारी के बीच हेलमेट को लेकर सवाल
दिया कुमारी के बुलेट पर जनसंपर्क के दौरान हेलमेट नहीं पहने होने की बात भी सामने आई। वहीं, वाहन रैली में शामिल कुछ समर्थक भी बिना हेलमेट के नजर आए। ऐसे में चुनावी प्रचार के बीच ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
चुनावी मौसम में नेताओं के अलग-अलग अंदाज जनता के बीच चर्चा का विषय बन रहे हैं। अब देखना यह होगा कि बुलेट, स्कूटी और ओपन कार के जरिए किया गया यह हाई-प्रोफाइल जनसंपर्क मतदाताओं के वोट में कितना तब्दील होता है।







































