लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गंगापुर सिटी (सवाई माधोपुर)
संवाददाता: बनी सिंह मीनाकोतवाली थाना पुलिस की कार्रवाई
गंगापुर सिटी में नगर परिषद से जुड़े पट्टों की फाइलों में गंभीर हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नगर परिषद के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में स्टोर कीपर दीपक गुप्ता निवासी लाटा हाउस, रामनगर एवं रामप्रसाद माली निवासी चकछावा शामिल हैं।
दोनों आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। कोतवाली थाना के एएसआई सुरेशचंद ने बताया कि न्यायालय ने दीपक गुप्ता को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है, जबकि रामप्रसाद माली को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान दीपक गुप्ता से हेराफेरी के समयकाल एवं इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में भी जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार यह मामला 21 अगस्त 2025 को उस समय सामने आया, जब परिवादी की भाभी आशा सिंहल को नगर परिषद से एक पत्र प्राप्त हुआ। पत्र में 26 अगस्त 2025 को पट्टे संबंधी शिकायत की सुनवाई हेतु साक्ष्य सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। आशा सिंहल के शहर से बाहर होने के कारण परिवादी नगर परिषद पहुंचा और संबंधित फाइल की नकल मांगी।
फाइल के अवलोकन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आशा सिंहल द्वारा 15 अगस्त 1988 को बसंतालाल से 5 रुपए के स्टाम्प पेपर पर खरीदी गई भूमि का मूल स्टाम्प पत्रावली से गायब पाया गया। उसकी जगह 26 जून 1979 का 50 पैसे का फर्जी व कूटरचित स्टाम्प लगाया गया था, जिस पर हस्ताक्षर भी जाली पाए गए। जबकि वास्तविकता में दो पट्टों के लिए 5 रुपए का मूल स्टाम्प ही उपयोग में लिया गया था।
इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर नगर परिषद द्वारा दो पट्टे जारी किए गए—
पट्टा संख्या 288/17-18 (दिनांक 4 अक्टूबर 2018)
पट्टा संख्या 289/17-18 (दिनांक 16 नवंबर 2018)
जांच में यह भी सामने आया है कि एक अन्य फाइल में आपराधिक षड्यंत्र के तहत पुरानी नोटशीट हटाकर नई नोटशीट तैयार की गई तथा फर्जी दस्तावेज जोड़े गए।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और नगर परिषद के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
